लखनऊ अग्निकांड ग्राउंड रिपोर्ट: बिना खिड़की की दो मंजिला इमारत बनी ‘डेथ ट्रैप’, एनिमेशन आर्टिस्ट समेत युवाओं की दर्दनाक दास्तां
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड को लेकर एक झकझोर देने वाली ग्राउंड रिपोर्ट सामने आई है। इस हादसे ने न सिर्फ सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है, बल्कि कई हंसते-खेलते परिवारों के चिराग हमेशा के लिए बुझा दिए हैं। रिपोर्ट में जान गंवाने वाले होनहार युवाओं और एक एनिमेशन आर्टिस्ट की ऐसी भावुक कहानियां सामने आई हैं, जिसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हैं।
बिल्डिंग में नहीं थी एक भी खिड़की, दम घुटने से हुई मौतें
ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, जिस दो मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में यह भीषण आग लगी, वह पूरी तरह से एक ‘डेथ ट्रैप’ (मौत का जाल) साबित हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी इमारत में वेंटिलेशन (हवा आने-जाने) के लिए एक भी खिड़की नहीं थी। आग लगने के बाद चंद मिनटों में ही पूरी बिल्डिंग जहरीले धुएं से भर गई। युवाओं को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला और दम घुटने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
एनिमेशन आर्टिस्ट और युवाओं के टूटे सपने
मलबे और राख के बीच से उन युवाओं के अधूरे सपनों की दास्तां बाहर आ रही है, जो अपने सुनहरे भविष्य की तलाश में लखनऊ आए थे। मृतकों में एक बेहद होनहार एनिमेशन आर्टिस्ट भी शामिल था, जो अपने अनूठे क्रिएशंस के जरिए इंडस्ट्री में पहचान बना रहा था। साथियों के मुताबिक, वह बेहद जिंदादिल था और अपनी कला के दम पर परिवार का सहारा बनना चाहता था। उसके साथ ही कई अन्य राज्यों और जिलों से आए युवाओं की कहानियां भी सामने आई हैं, जो अपने करियर की शुरुआत ही कर रहे थे।
इस हादसे के बाद प्रशासन ने अवैध और बिना वेंटिलेशन वाली व्यावसायिक इमारतों के खिलाफ सख्त जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन इन मासूमों की जान जाने के बाद जागे प्रशासन पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
