अमेरिका-ईरान शांति समझौता: ईरान की दोटूक- ‘अगर समझौता टूटा तो अमेरिका होगा जिम्मेदार’, होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट बरकरार

वॉशिंगटन/तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद वैश्विक राजनीति और बाजारों में हलचल तेज हो गई है। इस समझौते के तुरंत बाद ईरान ने एक बड़ा बयान जारी कर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। ईरान का कहना है कि वे शांति के पक्ष में हैं, लेकिन अगर यह समझौता किसी भी परिस्थिति में टूटता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर अमेरिका की होगी।

ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि इस समझौते के तहत लेबनान सहित सभी प्रमुख मोर्चों पर जंग को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

ग्लोबल मार्केट पर असर: सोना-चांदी हुए बेहद सस्ते

इस महायुद्ध के टलने और जंग रुकने की खबरों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर देखने को मिला है। वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं के दामों में भारी गिरावट आई है, जिससे सोना और चांदी बेहद सस्ते हो गए हैं। निवेशकों में डर कम होने के कारण बाजारों में अब स्थिरता लौटती दिख रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का संकट बरकरार, तेल की कीमतों पर सस्पेंस

भले ही दोनों देशों के बीच युद्ध का खतरा टल गया हो, लेकिन वैश्विक ईंधन सप्लाई चेन के लिए सबसे महत्वपूर्ण रास्ता यानी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अभी भी पूरी तरह से नहीं खुल पाया है।

क्यों है चिंता? होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता पूरी तरह खुलना अभी भी बेहद मुश्किल बना हुआ है। चूंकि दुनिया का एक बड़ा तेल व्यापार इसी रूट से होता है, इसलिए इस रास्ते के बंद या बाधित रहने के कारण दुनिया भर में ईंधन और कच्चे तेल (Crude Oil) के दामों में अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव का दौर जारी है।