छत्तीसगढ़ में डॉक्टरों के लिए नया नियम: अब बिना CGMC मंजूरी के भी राज्य में प्रैक्टिस कर सकेंगे बाहरी डॉक्टर; जूडा ने खोला मोर्चा

रायपुर, 19 जून 2026। छत्तीसगढ़ के चिकित्सा क्षेत्र से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने बाहरी राज्यों के डॉक्टरों को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला किया है। नए नियम के मुताबिक, अब दूसरे राज्यों के डॉक्टर बिना छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल (CGMC) की औपचारिकता या मंजूरी के भी छत्तीसगढ़ में सीधे काम (प्रैक्टिस) कर सकेंगे। सरकार के इस फैसले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जूनियर डॉक्टरों के बीच तनातनी शुरू हो गई है।

स्वास्थ्य मंत्री का तर्क: सुधरेगी स्वास्थ्य व्यवस्था

इस नए नियम को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि इस फैसले से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा। दूर-दराज के इलाकों और बड़े अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को तुरंत दूर किया जा सकेगा। बाहरी राज्यों के अनुभवी डॉक्टरों के आने से मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और मजबूत होगा।

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) ने किया कड़ा विरोध

दूसरी तरफ, सरकार के इस फैसले के खिलाफ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JUDA) ने पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया है। जूडा का कहना है कि इस नियम से छत्तीसगढ़ के स्थानीय डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के अवसरों पर सीधा असर पड़ेगा।

जूडा का विरोध: एसोसिएशन के पदाधिकारियों का तर्क है कि बिना स्थानीय काउंसिल (CGMC) की मंजूरी के बाहरी डॉक्टरों को अनुमति देने से पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के संकट के साथ-साथ प्रशासनिक नियंत्रण में भी दिक्कतें आएंगी। जूडा ने इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।

इस नए नियम के लागू होने के बाद से अब प्रदेश के चिकित्सा जगत में एक नई बहस छिड़ गई है, और आने वाले दिनों में जूडा द्वारा बड़े आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जा सकती है।