EOW-ACB की बड़ी कार्रवाई: पूर्व चीफ इंजीनियर भागीरथ वर्मा गिरफ्तार, 3 शहरों के 8 ठिकानों पर रेड; कोर्ट ने दी 10 दिन की रिमांड

रायपुर, 19 जून 2026। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच एजेंसियों ने एक बहुत बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता (Chief Engineer) भागीरथ वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद अदालत ने आरोपी को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है।

3 शहरों के 8 ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ रेड

भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति की पुख्ता शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसियों की अलग-अलग टीमों ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुल 8 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। टीम ने मुख्य रूप से:

  • रायपुर (छत्तीसगढ़)

  • बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

  • उज्जैन (मध्य प्रदेश)

स्थित भागीरथ वर्मा के आवासीय और अन्य ठिकानों पर दबिश दी। इस मैराथन कार्रवाई के दौरान अफसरों को करोड़ों रुपये मूल्य की बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज, कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, लक्जरी गाड़ियां और बैंक रिकॉर्ड बरामद हुए हैं।

पद का दुरुपयोग और टेंडर में रिश्वत के गंभीर आरोप

तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा पर अपने पद का दुरुपयोग कर अकूत काली कमाई करने का आरोप है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, वर्मा पर विभिन्न विकास कार्यों के टेंडर आवंटन के बदले ठेकेदारों से मोटी रिश्वत मांगने और भ्रष्टाचार के जरिए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर मामले दर्ज हैं।

पूछताछ में हो सकते हैं कई बड़े खुलासे

जांच एजेंसी का रुख: ईओडब्ल्यू और एसीबी ने आरोपी भागीरथ वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि कोर्ट से मिली 10 दिनों की रिमांड के दौरान कड़ी पूछताछ की जाएगी, जिससे टेंडर प्रक्रियाओं में हुए बड़े घोटालों और भ्रष्टाचार के इस खेल में शामिल कई अन्य रसूखदारों व बड़े चेहरों के नामों का खुलासा हो सकता है।