FSSAI का बड़ा फैसला: फूड पैकेजिंग में स्टेपल पिन और मेटल वायर पर लगा पूर्ण बैन

नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने और आम जनता की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। FSSAI ने फूड पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले स्टेपल पिन और मेटल वायर (धातु के तारों) पर पूरी तरह से प्रतिबंध (Ban) लगा दिया है।

अब से केक की सजावट, मिठाई के डिब्बों, और स्नैक्स के पैकेटों को बंद करने के लिए किसी भी तरह के मेटल पिन या स्टेपल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

FSSAI के मुताबिक, पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले ये छोटे-छोटे मेटल पिन अनजाने में खाने की चीजों में गिर जाते हैं। इसके बाद ये लोगों के पेट में जाने का गंभीर खतरा पैदा कर रहे थे। पिछले कुछ समय में ऐसी कई दुर्घटनाएं सामने आई हैं जहाँ बच्चों और बड़ों ने अनजाने में इन पिनों को निगल लिया, जिससे उनके आंतरिक अंगों को गंभीर नुकसान पहुँचा।

FSSAI की चेतावनी: खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग में धातु के स्टेपल पिन या वायर का उपयोग उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है। यदि यह पिन भोजन के रास्ते शरीर के अंदर चली जाए, तो यह पाचन तंत्र को गंभीर रूप से चोट पहुँचा सकती है।

किन-किन चीजों पर लागू होगा यह नियम?

FSSAI द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह प्रतिबंध निम्नलिखित चीजों पर मुख्य रूप से लागू होगा:

  • मिठाई के डिब्बे: हलवाई और स्वीट शॉप्स अब डिब्बों को बंद करने के लिए स्टेपल का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

  • केक और पेस्ट्री की सजावट: केक के बॉक्स या उसकी सजावट में किसी भी प्रकार के मेटल वायर का उपयोग प्रतिबंधित है।

  • स्नैक्स और फास्ट फूड पैकेट्स: समोसे, कचोरी या अन्य स्नैक्स के पेपर बैग्स को स्टेपल पिन से बंद करना अब गैर-कानूनी होगा।

कार्रवाई की तैयारी

FSSAI ने सभी राज्यों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई भी दुकानदार, रेस्तरां मालिक या फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

प्राधिकरण ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे जागरूक रहें और अगर उन्हें किसी भी खाद्य सामग्री की पैकेजिंग में स्टेपल पिन या मेटल वायर दिखता है, तो इसकी शिकायत तुरंत संबंधित अधिकारियों से करें।