छत्तीसगढ़ में मानसून की धमाकेदार एंट्री: सुकमा-बस्तर के रास्ते पहुंचा मानसून, रायपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

रायपुर, 12 जून 2026।

भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए आज राहत की बड़ी खबर आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) ने आज 12 जून को छत्तीसगढ़ में अपनी धमाकेदार दस्तक दे दी है। मानसून के आगमन के साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है।

बस्तर और सुकमा के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून ने बस्तर संभाग के सुकमा और बस्तर जिले के रास्ते छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश किया है। बस्तर के कई इलाकों में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं के साथ मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा रही है। अनुकूल परिस्थितियां होने के कारण मानसून के अगले दो से तीन दिनों में पूरे प्रदेश में आगे बढ़ने की संभावना है।


रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग समेत इन संभागों में अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने मानसून के आगमन को देखते हुए प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के लिए चेतावनी और अलर्ट जारी किया है:

  • अंधड़ और गरज-चमक की चेतावनी: रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा संभाग के कई जिलों में 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने, आकाशीय बिजली चमकने और भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

  • तापमान में भारी गिरावट: प्रदेश में सक्रिय हुई प्री-मानसून और मानसूनी गतिविधियों के कारण पिछले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है।


किसानों के खिले चेहरे, खेती-किसानी की तैयारियां तेज

समय पर मानसून के पहुंचने से छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं (किसानों) के चेहरे खिल उठे हैं। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बारिश खरीफ फसलों, विशेषकर धान की बोआई और थरहा (नर्सरी) लगाने के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। ग्रामीण इलाकों में किसानों ने अपने खेतों को तैयार करना और कृषि संबंधी काम तेजी से शुरू कर दिए हैं।

मौसम विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि गरज-चमक और तेज आंधी के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे आश्रय लेने से बचें।