नीति आयोग की बैठक में CM विष्णुदेव साय का बड़ा विजन: बदल रहा बस्तर; 3 साल में हर परिवार की आय 30 हजार करने का लक्ष्य, आएगी दुग्ध क्रांति
रायपुर, जून 2026।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘विकसित छत्तीसगढ़-2047’ का विजन रखते हुए नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर की एक नई और समृद्ध तस्वीर देश के सामने पेश की।
CM साय ने संकल्प जताते हुए कहा कि दशकों तक हिंसा की मार झेलने वाला बस्तर अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा और कृषि आधारित विकास का देश में एक बड़ा मॉडल बनेगा। सरकार ने अगले 3 वर्षों के भीतर बस्तर के प्रत्येक परिवार की मासिक आय को बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने का लक्ष्य रखा है, जो वर्तमान में 15 हजार रुपये से कम है।
बस्तर में ‘डेयरी मॉडल’ से आएगी दुग्ध क्रांति
ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए बस्तर में तेजी से “डेयरी मॉडल” लागू किया जा रहा है। इसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल से गांवों में दूध संग्रहण, परिवहन और स्थानीय बाजार जैसी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे विशेषकर महिलाओं और युवाओं को रोजगार के नए साधन मिलेंगे।
2,000 करोड़ के प्रोजेक्ट: 32 हजार हेक्टेयर में सिंचाई का विस्तार
खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए बस्तर संभाग में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं पर काम शुरू किया जा रहा है। इससे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इंद्रावती नदी क्षेत्र में सालभर पानी मिलने से किसान अब धान के अलावा सब्जियां, फल और अन्य नकदी फसलें (Cash Crops) भी ले सकेंगे।
सुरक्षा शिविर अब बने ‘सेवा डेरा’, मिलेगी 371 योजनाएं
मुख्यमंत्री ने एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि बस्तर में बने लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित केंद्र व राज्य सरकार की 371 जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधा मिल रहा है।
बस्तर का विकास मॉडल: स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर
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डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल: बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य के लिए करीब 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है।
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एजुकेशन सिटी: अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘एजुकेशन सिटी’ विकसित की जा रही है। इसके साथ ही 341 पीएमश्री स्कूल और 5,857 स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए गए हैं। बच्चों को स्थानीय 16 भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकें दी जा रही हैं।
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चित्रकोट और सिरपुर बनेंगे विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र: चित्रकोट जलप्रपात और बौद्ध तीर्थस्थल सिरपुर को इंटरनेशनल टूरिज्म स्पॉट के रूप में डेवलप किया जा रहा है। सिरपुर में ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर और संग्रहालय का निर्माण जारी है।
छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर और एआई मिशन की शुरुआत
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सुशासन और तकनीक आधारित विकास की ओर बढ़ रहा है। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के तहत 435 सुधार लागू किए गए हैं। छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयां भी स्थापित की जा रही हैं। इसके अलावा राज्य के विकास को गति देने के लिए 5 विशेष मिशन शुरू किए गए हैं:
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एआई (AI) मिशन
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पर्यटन मिशन
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खेल मिशन
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अधोसंरचना (Infrastructure) मिशन
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स्टार्टअप-निपुण मिशन
‘एक जिला-एक उत्पाद’ से बढ़ा एक्सपोर्ट
आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत छत्तीसगढ़ से गारमेंट, टेक्सटाइल, बायो-एथेनॉल और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में निर्यात बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक राज्य से 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है, जिसमें छत्तीसगढ़ के खुशबूदार चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा है।
