रायपुर में संसदीय समिति की बड़ी बैठक: भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और छत्तीसगढ़ से कृषि निर्यात बढ़ाने पर हुआ महामंथन

रायपुर, जून 2026।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज ‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन’ विषय पर वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राज्यसभा सांसद और समिति की अध्यक्ष सुश्री डोला सेन की अध्यक्षता में रायपुर के एक निजी होटल में हुई इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ से कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) क्षेत्र में निर्यात बढ़ाने पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

यह बैठक संसदीय समिति के 10 से 12 जून 2026 तक अहमदाबाद, रायपुर और भुवनेश्वर के तीन दिवसीय अध्ययन दौरे के तहत आयोजित की गई थी।

कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में व्यापार के नए अवसरों पर चर्चा

बैठक के पहले सत्र में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादकों, निर्यातकों और विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के साथ गहन चर्चा हुई। समिति ने वैश्विक बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया। इस सत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपने सुझाव साझा किए:

  • कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA)

  • अखिल भारतीय खाद्य प्रसंस्करण संघ (AIFPA)

  • अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ (AIREA)

  • भारतीय खाद्य एवं पेय संघ (IFBA)

  • केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और वाणिज्य विभाग के अधिकारी।


निर्यातकों के लिए वित्तीय सहायता और बीमा सुविधाओं पर फोकस

दूसरे सत्र में भारत-अमेरिका व्यापार को गति देने के लिए निर्यातकों को मिलने वाली बैंकिंग और बीमा सुविधाओं की समीक्षा की गई। सुश्री डोला सेन की मौजूदगी में वित्तीय और बीमा संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

  • पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ इंडिया (BOI), एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया और नाबार्ड (NABARD) के अधिकारियों ने निर्यातकों के लिए उपलब्ध क्रेडिट (ऋण) सुविधाओं, वित्तीय सेवाओं और जोखिम प्रबंधन तंत्र की जानकारी दी।

  • समिति ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे छोटे उद्यमियों और किसानों को आसानी से वित्तीय सहायता देकर वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।


छत्तीसगढ़ के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में राज्य सरकार की पहल

बैठक के अंतिम चरण में संसदीय समिति ने छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान राज्य में कृषि आधारित उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विशेष फोकस रहा।

राज्य के अधिकारियों ने समिति को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ में निवेश आकर्षित करने, स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन (Value Addition) और निर्यात क्षमता को बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

बैठक में राज्य शासन की ओर से ये रहे उपस्थित: छत्तीसगढ़ शासन के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, सीएसआईडीसी (CSIDC) के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश झा और कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

ये वरिष्ठ सांसद और समिति सदस्य रहे मौजूद

इस उच्च स्तरीय बैठक में संसदीय स्थायी समिति के सदस्य के रूप में देश के कई प्रतिष्ठित सांसद उपस्थित रहे, जिनमें: श्री अमरा राम, श्री बिश्वजीत सिन्हा (राहुल सिन्हा), श्री रमेश अवस्थी, श्री अतुल गर्ग, श्री धनंजय भीमराव महाडिक, श्रीमती रेणुका चौधरी, श्रीमती रोजी सैलो दामोदरन, श्रीमती लामनेई सिंगसित, श्री दिलीप यादव, श्री सदानंद महालू शेट तानवड़े, श्रीमती अनीता शुभदर्शिनी, डॉ. शिवपाल सिंह पटेल, श्री आनंद भदौरिया, डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले, डॉ. संगीता बलवंत, श्रीमती विजया एस. राजशेखर, श्री राजेन्द्र कुमार तथा श्री गिरधारी यादव शामिल थे।

संसदीय समिति इस अध्ययन दौरे से मिले सभी महत्वपूर्ण सुझावों और तथ्यों के आधार पर भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को लेकर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे संसद के पटल पर रखा जाएगा।