केरल में फिर निपाह वायरस की दस्तक; एक मरीज वेंटिलेटर पर, पूरा हॉस्पिटल स्टाफ क्वारंटीन

तिरुवनंतपुरम: केरल में एक बार फिर खतरनाक ‘निपाह वायरस’ (Nipah Virus) का खौफ लौट आया है। राज्य में इस साल (2026) का पहला निपाह संक्रमित मरीज सामने आया है, जिसके बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। संक्रमित मरीज की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है और वह फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर है।

अस्पताल का स्टाफ क्वारंटीन, हाई अलर्ट जारी मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए हैं। एहतियात के तौर पर संक्रमित मरीज के संपर्क में आए पूरे हॉस्पिटल स्टाफ को क्वारंटीन कर दिया गया है। इसके साथ ही मरीज के परिजनों और उनके संपर्क में आए अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। प्रभावित इलाके में स्वास्थ्य टीमों को तैनात कर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

केरल में छठवीं बार निपाह की दस्तक साल 2018 में केरल में पहली बार निपाह वायरस ने भारी तबाही मचाई थी। उसके बाद से राज्य में निपाह संक्रमण फैलने का यह छठवां मौका है। बार-बार लौट रहे इस वायरस ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।

क्या है निपाह वायरस? > निपाह एक ज़ूनोटिक वायरस (Zoonotic Virus) है, जो जानवरों (विशेषकर चमगादड़ और सूअर) से इंसानों में फैलता है। यह दूषित भोजन या संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से भी फैल सकता है। इसमें तेज बुखार, सिरदर्द, मानसिक भ्रम और सांस लेने में गंभीर तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से पैनिक न होने और गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की है।