नॉर्वे चेस 2026: भारत के आर. प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास, खिताब जीतने वाले बने पहले भारतीय

चेस: भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास, ‘नॉर्वे चेस 2026’ का खिताब जीता

इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट को जीतने वाले बने पहले भारतीय खिलाड़ी; शतरंज की दुनिया में तिरंगे का दबदबा

स्टावेंगर (नॉर्वे), 9 जून 2026

शतरंज (चेस) की दुनिया से भारत के लिए एक बेहद गौरवशाली और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। भारत के युवा और स्टार ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा (R Praggnanandhaa) ने दुनिया के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित शतरंज टूर्नामेंटों में से एक ‘नॉर्वे चेस 2026’ (Norway Chess 2026) का खिताब अपने नाम कर लिया है।

इस खिताबी जीत के साथ ही प्रज्ञानानंदा ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वे इस बेहद प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

दुनिया के दिग्गजों को पछाड़कर हासिल किया मुकाम

इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान प्रज्ञानानंदा ने अद्भुत खेल, गजब का मानसिक संतुलन और बेजोड़ रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन किया। उन्होंने दुनिया के शीर्ष क्रम के खिलाड़ियों और पूर्व विश्व चैंपियनों को कड़ी टक्कर देते हुए अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।

क्यों खास है यह जीत? नॉर्वे चेस टूर्नामेंट को शतरंज की बिसात पर सबसे कड़े और मानसिक रूप से थका देने वाले आयोजनों में गिना जाता है। महान खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के बाद भारतीय चेस को इस वैश्विक ऊंचाई पर ले जाने का श्रेय अब पूरी तरह से प्रज्ञानानंदा को जा रहा है।

इस ऐतिहासिक सफलता के बाद सोशल मीडिया पर खेल प्रेमियों से लेकर देश की दिग्गज हस्तियों तक, हर कोई इस युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर को बधाइयाँ दे रहा है। यह जीत आने वाले समय में देश के लाखों युवा चेस खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी।

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