टाटीबंध एम्स के सामने नए स्वरूप में शुरू हुआ आरआरआर सेंटर, जरूरतमंदों तक पहुंचेंगी अनुपयोगी वस्तुएं
रायपुर। रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 8 क्षेत्र अंतर्गत टाटीबंध स्थित एम्स अस्पताल के सामने निगम उद्यान परिसर में नए स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर का शुभारंभ किया गया। स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 के तहत प्रारंभ किए गए इस सेंटर का लोकार्पण रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत और महापौर मीनल चौबे ने निगम आयुक्त संबित मिश्रा एवं एमआईसी सदस्य श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में किया।

घर-घर से संग्रहित होंगी अनुपयोगी वस्तुएं
नए स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर के लिए नगर निगम द्वारा विशेष वाहन उपलब्ध कराया गया है, जो जोन 8 के सभी सात वार्डों से घरों और दुकानों में अनुपयोगी पड़ी वस्तुओं का संग्रह करेगा। इन वस्तुओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
सेंटर में पुराने कपड़े, जूते-चप्पल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बर्तन, प्लास्टिक सामग्री और अन्य उपयोगी वस्तुओं को व्यवस्थित रूप से रखने की सुविधा दी गई है। इसके साथ ही यहां बर्तन बैंक और झोला बैंक की व्यवस्था भी की गई है।
महिलाओं को मिलेगा रोजगार और प्रशिक्षण
महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर सेंटर में महिलाओं के कल्याण के लिए सिलाई मशीन की व्यवस्था की गई है, जहां महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ रोजगार से भी जुड़ सकेंगी। सेंटर का संचालन मां शीतला महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण और सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि आरआरआर यानी “रीड्यूस, रीयूज और रीसायकल” ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की महत्वपूर्ण अवधारणा है। इसका उद्देश्य कचरे को कम करना, उपयोग योग्य वस्तुओं का पुनः उपयोग बढ़ाना और अपशिष्ट का पुनर्चक्रण कर संसाधनों का संरक्षण करना है।
उन्होंने कहा कि आरआरआर सेंटरों के माध्यम से लैंडफिल में जाने वाले कचरे में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और सर्कुलर इकॉनमी मजबूत होगी। यहां संग्रहित वस्तुओं की मरम्मत कर जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क या न्यूनतम लागत पर उपलब्ध कराया जाएगा।
विश्व पर्यावरण दिवस पर नागरिकों से अपील
महापौर मीनल चौबे ने आगामी World Environment Day 2026 के अवसर पर नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों में उपयोग में नहीं आने वाली वस्तुओं को आरआरआर सेंटर में जमा करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों का यह छोटा प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने में भी मददगार साबित होगा।
