ट्विशा डेथ केस: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, मीडिया बयानबाजी पर लगाई रोक; राज्य सरकार ने सास पर लगाया अड़चनें डालने का आरोप
जबलपुर के बहुचर्चित ट्विशा डेथ केस में सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद सख्त और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए देश की सर्वोच्च अदालत ने दोनों पक्षों (मायके और ससुराल) को कड़े लहजे में हिदायत दी है कि वे इस केस से जुड़ी किसी भी तरह की बयानबाजी मीडिया में न करें। कोर्ट ने साफ किया है कि इस मामले में किसी भी तरफ से मीडिया ट्रायल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राज्य सरकार का बड़ा आरोप: जांच में रोड़ा अटका रही हैं सास
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा पेश किया गया। सरकारी वकील ने आरोप लगाया कि मृतका ट्विशा की सास लगातार जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं और पुलिस की तफ्तीश में अड़चनें पैदा कर रही हैं। इस आरोप के बाद मामले में कानूनी शिकंजा और कसता नजर आ रहा है।
पति के बयानों में झोल, दोबारा पोस्टमार्टम से सामने आएगा सच
जांच से जुड़े सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक की पूछताछ में मृतका के पति के बयानों में कई विरोधाभास और झोल सामने आए हैं। पति द्वारा दिए गए बयानों की कड़ियाँ आपस में नहीं मिल रही हैं, जिससे पुलिस का शक गहरा गया है।
मौत की असली वजह और सच का पता लगाने के लिए अब दोबारा पोस्टमार्टम (Re-Postmortem) का सहारा लिया जा रहा है, ताकि वैज्ञानिक और मेडिकल साक्ष्यों के जरिए यह साफ हो सके कि ट्विशा की मौत के पीछे की असल हकीकत क्या है।
