महंगाई दर में बढ़ोतरी, खाद्य पदार्थ महंगे होने से रिटेल इंफ्लेशन 3.48% पहुंचा

महंगाई और रुपये में गिरावट से बढ़ी आर्थिक चिंता

देश में महंगाई दर एक बार फिर बढ़ने लगी है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी आने के कारण रिटेल महंगाई दर बढ़कर 3.48 प्रतिशत तक पहुंच गई है। आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सब्जियों, दाल, अनाज और अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी महंगाई बढ़ने का मुख्य कारण है। बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ गया है।

इसी बीच भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऑल टाइम लो स्तर पर पहुंच गया है। रुपये में कमजोरी आने से आयात महंगा हो सकता है, जिसका असर पेट्रोलियम उत्पादों और अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

आर्थिक जानकारों का मानना है कि वैश्विक बाजार में अस्थिरता, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों का असर भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में रिजर्व बैंक और सरकार की नीतियों पर भी नजर बनी रहेगी।