स्मार्ट मीटर विवाद के बीच ऊर्जा मंत्री AK शर्मा पर बढ़ा दबाव, विभाग बदलने की अटकलें तेज

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ते विरोध और राजनीतिक दबाव के बीच ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में उनसे ऊर्जा विभाग वापस लिया जा सकता है।

राज्य के कई हिस्सों में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें और विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं। बिजली बिल में कथित गड़बड़ी, अधिक शुल्क और तकनीकी समस्याओं को लेकर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है। इसी बीच मंत्री AK शर्मा को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, सरकार स्मार्ट मीटर विवाद से पैदा हुए असंतोष को कम करने के लिए बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक फैसले ले सकती है। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान कुछ विभागों में फेरबदल संभव है, जिसमें ऊर्जा विभाग भी शामिल हो सकता है।

हालांकि सरकार या भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं विपक्ष स्मार्ट मीटर योजना को लेकर लगातार सरकार को घेरने में जुटा हुआ है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार और विभागीय फेरबदल को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।