शराब पॉलिसी पर विवाद, प्लास्टिक बोतल नीति के खिलाफ विरोध; बाजार में सस्ती शराब गायब
नई दिल्ली।
नई शराब नीति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। खासकर प्लास्टिक बोतलों में शराब की बिक्री से जुड़ी नीति के खिलाफ विरोध तेज हो गया है, जिसका असर बाजार में साफ दिखाई दे रहा है।
व्यापारियों और उपभोक्ताओं का कहना है कि इस नीति के कारण दुकानों में शराब की सप्लाई धीमी पड़ गई है। कई जगहों पर स्टॉक की कमी देखी जा रही है, जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा असर सस्ती शराब के सेगमेंट पर पड़ा है, जो कई बाजारों से लगभग गायब हो गई है। दुकानदारों के मुताबिक, नई गाइडलाइन और सप्लाई चेन में बदलाव के चलते वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई है।
विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि प्लास्टिक बोतल नीति से पर्यावरण और गुणवत्ता दोनों पर सवाल उठते हैं, जबकि प्रशासन का तर्क है कि यह कदम लागत कम करने और वितरण को आसान बनाने के लिए उठाया गया है।
शराब पॉलिसी को लेकर जारी विवाद का असर सीधे बाजार और उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में सरकार को संतुलित समाधान निकालना होगा, ताकि सप्लाई और गुणवत्ता दोनों बनाए रखी जा सके।
