गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग, राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
जगदलपुर/बस्तर, 11 मार्च। सनातन आस्था, भारतीय संस्कृति और गौ संरक्षण के मुद्दे को लेकर बस्तर में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में गौ माता को पूरे देश में “राष्ट्रमाता” तथा सभी राज्यों में “राज्यमाता” घोषित करने के साथ ही देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।

ज्ञापन में बताया गया कि सनातन धर्म के वेद, पुराण और धर्मशास्त्रों में गौ माता को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। भारतीय संस्कृति में गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि माता के रूप में सम्मानित है और करोड़ों लोगों की आस्था इससे जुड़ी हुई है। इसलिए गौ संरक्षण केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक विषय भी है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि गौ माता का महत्व कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। पारंपरिक कृषि व्यवस्था में गोबर से बनी जैविक खाद भूमि की उर्वरता बढ़ाने में सहायक होती है, वहीं गोबर से बायोगैस और ऊर्जा उत्पादन भी संभव है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक मजबूती मिलती है।
इसके अलावा गौमूत्र के औषधीय गुणों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसके कई स्वास्थ्य लाभ बताए गए हैं। गाय का दूध, घी, दही, छाछ और पंचगव्य जैसे उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की गई कि देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और गौ संरक्षण के लिए संसद द्वारा कठोर केंद्रीय कानून बनाया जाए। साथ ही नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में घूमने वाले गौवंश के लिए बेहतर चिकित्सा व्यवस्था और गौ विश्राम स्थलों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपते समय यह भी स्पष्ट किया गया कि यह मांग किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि सनातन धर्म, भारतीय परंपरा और करोड़ों लोगों की आस्था के सम्मान के लिए उठाई गई है।
इस दौरान अरुण कुमार पाण्डेय, हीरा भंसाली और चंचलमल जैन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे और गौ संरक्षण के विषय को राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से लेने की अपील की।
