छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को अफीम की खेती और धान खरीदी केंद्रों में कथित गड़बड़ी के मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी विधायकों ने सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और इस मामले पर तत्काल चर्चा की मांग की।
स्थगन प्रस्ताव खारिज होने पर बढ़ा विवाद
विपक्ष की ओर से इन मुद्दों को लेकर सदन में स्थगन प्रस्ताव लाया गया था। विपक्ष का कहना था कि अफीम की खेती से जुड़े मामलों और धान खरीदी केंद्रों में हो रही अनियमितताओं पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
हालांकि सदन में स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया। प्रस्ताव खारिज होने के बाद विपक्षी विधायक नाराज हो गए और उन्होंने विरोध तेज कर दिया।
विपक्षी विधायक पहुंचे वेल में
स्थगन प्रस्ताव खारिज होने के बाद कई विपक्षी विधायक विरोध दर्ज कराने के लिए सदन के वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
विपक्ष का आरोप था कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है और किसानों से जुड़े मामलों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
29 विधायकों को किया गया निलंबित
लगातार हंगामे और कार्यवाही में बाधा के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने कड़ा कदम उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कुल 29 विधायकों को निलंबित कर दिया।
निलंबन की कार्रवाई के बाद सदन का माहौल और भी गरमा गया और विपक्ष ने इस फैसले का विरोध किया।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस घटना के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति में और बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।