मोटापा बना ‘साइलेंट महामारी’, भारत में बच्चों में तेजी से बढ़ रहा खतरा
नई दिल्ली | स्वास्थ्य डेस्क
दुनिया भर में मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। World Obesity Atlas 2026 की हालिया रिपोर्ट के अनुसार भारत में 5 से 19 साल के बच्चों और किशोरों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है, जिसे विशेषज्ञ एक उभरती हुई “साइलेंट महामारी” के रूप में देख रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बच्चों के बीच मोटापे के मामलों में हर साल लगभग 4.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की जा रही है। यह बढ़ोतरी आने वाले वर्षों में देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में मोटापे की बढ़ती समस्या के पीछे अनियमित खानपान, जंक फूड का बढ़ता सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और स्क्रीन टाइम में बढ़ोतरी जैसे प्रमुख कारण जिम्मेदार हैं।
डॉक्टरों के अनुसार कम उम्र में मोटापा बढ़ने से भविष्य में डायबिटीज, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों ने इस स्थिति से निपटने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, खेलकूद और बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित करने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि यदि समय रहते जागरूकता और रोकथाम के उपाय नहीं किए गए, तो आने वाले वर्षों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
