छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी का नेटवर्क उजागर, कुसमुंडा बना म्यूल अकाउंट का केंद्र

कोरबा।

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र से साइबर ठगी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि देश के विभिन्न राज्यों से ऑनलाइन ठगी की रकम को कुसमुंडा में खोले गए म्यूल बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर किया जा रहा था।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर विंग द्वारा संदिग्ध बैंक लेन-देन की निगरानी के दौरान कुसमुंडा से जुड़े कुछ खातों की गतिविधियां संदेहास्पद पाई गईं। इसके बाद मंत्रालय ने समन्वय पोर्टल के माध्यम से इस संबंध में कोरबा पुलिस को अलर्ट किया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा अन्य लोगों के दस्तावेजों का उपयोग कर बैंक खाते खुलवाए गए थे। इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि जमा की जाती थी और बाद में इसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था।

पुलिस जांच के अनुसार, आनंद नगर, कुसमुंडा निवासी एक युवक द्वारा इस तरह का म्यूल अकाउंट संचालित किए जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि खाते में कुल कितनी राशि ट्रांसफर की गई और पैसा किन-किन खातों में भेजा गया, इसकी विस्तृत जानकारी अभी जुटाई जा रही है।

इसके अलावा जांच के दौरान कुछ अन्य व्यक्तियों के नाम से संचालित खातों की भी पहचान हुई है। पुलिस ने संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। साइबर सेल की सहायता से बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसका उपयोग साइबर अपराधी अवैध धन को इधर-उधर करने के लिए करते हैं। कई मामलों में खाताधारक को लालच देकर या धोखे में रखकर खाते का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि कुछ मामलों में खाताधारक जानबूझकर अपराध में शामिल होता है।