CG Liquor Scam: पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त अंतरिम जमानत

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें सशर्त अंतरिम जमानत प्रदान की है। हालांकि, जमानत के साथ कुछ अहम शर्तें भी लगाई गई हैं।

जानकारी के अनुसार, कवासी लखमा पिछले करीब एक वर्ष से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में थे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें शराब घोटाले में कथित भूमिका के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अंतरिम राहत देने का निर्णय लिया।

⚖️ जमानत की प्रमुख शर्तें

  • जेल से रिहा होने के बाद कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ राज्य छोड़ना होगा
  • राज्य के बाहर रहते हुए उन्हें जांच एजेंसियों का सहयोग करना अनिवार्य होगा
  • यदि उनके पास पासपोर्ट है तो उसे संबंधित प्राधिकरण के पास जमा करना होगा
  • कोर्ट या जांच एजेंसी द्वारा बुलाए जाने पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होगा

🕵️‍♂️ क्या है मामला?

जांच एजेंसी का आरोप है कि शराब नीति में बदलाव के दौरान एक संगठित सिंडिकेट के माध्यम से बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ। इस पूरे मामले में नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।

फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई यह राहत अंतरिम है और मामले की आगे की सुनवाई अभी जारी रहेगी। अंतिम फैसला आने तक कवासी लखमा को अदालत द्वारा तय की गई सभी शर्तों का पालन करना होगा।

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