रायपुर रेल अवसंरचना विस्तार की योजना: 2030 तक दोगुनी होगी ट्रेन क्षमता, नवा रायपुर में नया टर्मिनल प्रस्तावित
रायपुर।
भारतीय रेल ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रेल अवसंरचना के व्यापक विस्तार की रूपरेखा प्रस्तुत की है। इस योजना के तहत वर्ष 2030 तक ट्रेनों की परिचालन क्षमता को लगभग दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित परियोजनाओं में नवा रायपुर में एक नया रेल टर्मिनल विकसित करना और रायपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास शामिल है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बढ़ती यात्री संख्या और माल परिवहन की मांग को देखते हुए ट्रैक क्षमता वृद्धि, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम और यार्ड सुविधाओं के उन्नयन पर विशेष जोर दिया जाएगा। नवा रायपुर में प्रस्तावित नया टर्मिनल शहर के प्रशासनिक व आवासीय विस्तार को देखते हुए तैयार किया जाएगा, जिससे मुख्य रायपुर स्टेशन पर दबाव कम होगा।
स्टेशन पुनर्विकास योजना के तहत यात्री सुविधाओं को आधुनिक बनाने, परिसंचरण क्षेत्र के विस्तार, पार्किंग, स्वच्छता, डिजिटल सूचना प्रणालियों और बहु-मॉडल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, ट्रेनों के ठहराव समय में कमी और समयबद्ध परिचालन सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी उन्नयन किया जाएगा।
रेलवे का मानना है कि इन परियोजनाओं से रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ेगी और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, रेल क्षमता में वृद्धि से छत्तीसगढ़ को पूर्व–मध्य भारत के एक प्रमुख परिवहन हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
