देशभर में मंदिरों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों पर भारी भीड़; अयोध्या, काशी और उज्जैन में रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंचे
नववर्ष 2026 का स्वागत पूरे देश में आस्था, उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। आधी रात से ही प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कई स्थानों पर विशेष आरती, पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे माहौल भक्तिमय बन गया।
प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अभूतपूर्व भीड़
नए साल के पहले दिन उत्तर भारत के प्रमुख तीर्थों में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए तड़के सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे दर्शन प्रक्रिया सुचारु बनी रही।
इसी तरह काशी में गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर नववर्ष का शुभारंभ किया। काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ आरती संपन्न हुई, जबकि घाटों पर सुबह से शाम तक भक्तों की आवाजाही बनी रही।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती और विशेष अनुष्ठानों के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचे। उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में इस वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
पर्यटन स्थलों पर भी दिखा नववर्ष का उत्साह
धार्मिक स्थलों के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन केंद्रों पर भी नए साल का जश्न देखने को मिला। पहाड़ी क्षेत्रों, समुद्री तटों और ऐतिहासिक स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी। होटल, होमस्टे और स्थानीय परिवहन सेवाओं में भी अच्छी खासी रौनक रही।
सुरक्षा और व्यवस्थाएं
नववर्ष के मद्देनज़र प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती से भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को संभाला गया। कई शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सहायता दल भी सक्रिय रहे।
आस्था के साथ सकारात्मक शुरुआत
नए साल के पहले दिन बड़ी संख्या में लोगों ने मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। देशभर में यह संदेश स्पष्ट दिखा कि नववर्ष 2026 की शुरुआत आस्था, सामाजिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुई है।