मुंबई नाव हादसे में 15 की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाई गईं कई कीमती जिंदगियां

मुंबई में 18 दिसंबर को एक दर्दनाक नाव हादसे ने 15 जिंदगियां छीन लीं। यह हादसा तब हुआ जब गेटवे ऑफ इंडिया से एलीफेंटा जा रही पैसेंजर बोट और नेवी की स्पीड बोट आपस में टकरा गईं, जिसके बाद पैसेंजर बोट डूबने लगी। हादसे में कुल 113 लोग सवार थे, जिनमें से 98 को बचा लिया गया। चार दिन बाद शनिवार को एक 7 साल के बच्चे का शव बरामद किया गया। हादसा दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ, जब नेवी की बोट ने पैसेंजर बोट को टक्कर मारी। पैसेंजर बोट में 107 लोग सवार थे, जबकि नेवी की बोट में 6 लोग थे, जिनमें से केवल 2 को ही बचाया जा सका। हादसे के बाद, 25 मिनट के भीतर नेवी ने सवार लोगों का रेस्क्यू किया, लेकिन हादसे में कुछ लोगों की जान नहीं बच सकी।

चश्मदीदों के अनुसार, कुछ घबराए हुए पैरेंट्स ने अपनी जान बचाने के लिए बच्चों को समुद्र में फेंकने की कोशिश की। एक कार्गो शिप के ड्राइवर ने अपनी बोट में 56 लोगों को चढ़ा लिया और उन्हें सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया, लेकिन एक बच्चा उसमें नहीं बच सका।

रेस्क्यू ऑपरेशन में नौसेना के 11 बोट और 4 हेलिकॉप्टर के अलावा तटरक्षक बल और अन्य राहत टीमों ने भी मदद की। यात्रा के दौरान बचाए गए लोगों में से कई महिलाएं और बच्चे थे, जिनकी जान बचाने के लिए पहले उन्हें प्राथमिकता दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिवारों के लिए राहत राशि का ऐलान किया, जिसमें पीएम ने 2 लाख और सीएम ने 5 लाख रुपए की सहायता देने का वादा किया।