“संपत्तिकर में वृद्धि के बावजूद 531 कॉलोनियों के रहवासी बकायादार क्यों? निगम की पोर्टल अपडेट में देरी ने बढ़ाई समस्या”

रायपुर: छत्तीसगढ़ के नगर निगम में एक अजीब स्थिति सामने आई है, जहां वर्ष 2024-25 का संपत्तिकर अग्रिम जमा करने के बावजूद शहर की 531 कॉलोनियों के रहवासियों को बकायादार घोषित किया गया है। इन कॉलोनियों के रहवासियों को अब मैसेज भेजे जा रहे हैं कि वे 14 दिसंबर 2024 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बकाया करों का भुगतान करें।

रहवासी इस बात को लेकर भ्रमित हैं कि जब उन्होंने अग्रिम कर का भुगतान पहले ही कर दिया था, तो उन्हें बकायादार क्यों बताया जा रहा है। यह समस्या नगर निगम के पोर्टल में हुई देरी से उत्पन्न हुई है। दरअसल, मई के अंतिम सप्ताह में नगर निगम ने कॉलोनियों के रेट जोन में बदलाव किया था, जिसके कारण इन कॉलोनियों में संपत्तिकर में 10 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन निगम ने इस बदलाव को पोर्टल पर अपडेट नहीं किया, जिसका असर अब देखने को मिल रहा है।

जब लोग अग्रिम कर जमा करने के लिए निगम कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें पुरानी दरों के हिसाब से संपत्ति और जलकर के बिल दिए गए, जिसके आधार पर उन्होंने भुगतान किया। अब, अगले साल इन लोगों पर बढ़े हुए करों का बोझ पड़ेगा, क्योंकि वे 2024-25 के बकाया कर के साथ-साथ 2025-26 के बढ़े हुए कर भी जमा करेंगे।

यह स्थिति निगम की पोर्टल अपडेट में हुई देरी के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे करदाता अब भविष्य में अधिक भुगतान करने को मजबूर होंगे।