मार्च 2027 तक प्रदेश में 100 पुल होंगे तैयार

रायपुर। लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश में निर्माणाधीन पुलों के कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए लक्ष्य तय किया है। विभाग का उद्देश्य मार्च 2027 तक 100 पुलों का निर्माण पूरा कर उन्हें आम लोगों के आवागमन के लिए शुरू करना है। लक्ष्य की पूर्ति के लिए निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को कार्यस्थलों पर पर्याप्त सामग्री, आवश्यक मशीनरी और पर्याप्त संख्या में श्रमिक एवं तकनीकी मानव संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने गुरुवार को नवा रायपुर स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्यालय निर्माण भवन में सेतु परिक्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों एवं ठेकेदारों के साथ बैठक कर प्रदेश में चल रहे तथा स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद उपलब्ध कार्य अवधि निर्माण परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। इस अवधि का अधिकतम उपयोग करते हुए निर्माण कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए गए।

कार्यस्थल पर संसाधनों की उपलब्धता जरूरी

सचिव ने सभी निर्माण स्थलों पर पूरी क्षमता के साथ तत्काल कार्य शुरू करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में आ रही तकनीकी अथवा प्रशासनिक बाधाओं का शीघ्र समाधान कर कार्यस्थलों को ठेकेदारों के लिए सुगम बनाया जाए, ताकि परियोजनाओं की गति प्रभावित न हो।

उन्होंने फील्ड स्तर पर निर्माण कार्यों की नियमित और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान यदि कोई कार्य निर्धारित समय-सीमा या गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को भी मिलेगी गति

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित नए प्रोजेक्ट्स को जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई। इनमें भू-अर्जन, यूटिलिटी शिफ्टिंग और पेड़ों की कटाई से जुड़ी कार्रवाई को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया और कार्यादेश जारी करने की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

वित्तीय वर्ष 2026-27 की समाप्ति तक निर्माण परियोजनाओं में बेहतर भौतिक और वित्तीय प्रगति हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही, कार्य पूर्ण होने के बाद दस्तावेजीकरण, जीएसटी, सेटलमेंट और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने तथा अंतिम भुगतान और टेंडर क्लोजर की कार्रवाई में अनावश्यक विलंब नहीं करने के निर्देश दिए गए।