सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 22,818 करोड़ रुपये का DA एरियर? 6% ब्याज के साथ भुगतान का मामला चर्चा में
हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने बकाया देनदारी स्वीकार की, मुख्य सचिव के हलफनामे में सामने आए वित्तीय आंकड़े
नई दिल्ली/चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के बकाया भुगतान का मामला एक बार फिर चर्चा में है। राज्य सरकार ने अदालत में स्वीकार किया है कि 1 जुलाई 2021 से 30 सितंबर 2026 तक का डीए और डीआर एरियर बढ़कर करीब 22,818 करोड़ रुपये हो गया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार इस बकाया राशि पर 6 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देय होगा।
मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की ओर से अदालत में दाखिल हलफनामे में यह जानकारी दी गई है। हलफनामे के मुताबिक, यदि पंजाब के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान दर से महंगाई भत्ता दिया जाता है, तो राज्य के खजाने पर हर साल करीब 4,712 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। रिपोर्ट में दोनों मदों से जुड़ी कुल लंबित देनदारी 32,418 करोड़ रुपये बताई गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में पंजाब सरकार ने वेतन और पेंशन पर लगभग 58,064 करोड़ रुपये खर्च किए। ऐसे में डीए एरियर और अन्य लंबित देनदारियों का भुगतान राज्य के बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
मुख्यमंत्री की बैठक के बाद DA 42 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया गया
सरकार ने अदालत को बताया कि कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को लेकर 18 सितंबर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। बैठक में महंगाई भत्ते में 8 प्रतिशत वृद्धि का निर्णय लिया गया। इसके बाद 23 सितंबर को वित्त विभाग ने आदेश जारी कर डीए की दर 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी।
यह बढ़ी हुई दर 1 सितंबर 2026 से प्रभावी की गई। इसका लाभ सितंबर के वेतन और पेंशन में अक्टूबर के दौरान दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के 3 अगस्त के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इसके लिए 1 सितंबर को विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिका में कुछ प्रक्रियागत खामियां बताईं, जिसके बाद 1 अक्टूबर को इसे दोबारा दाखिल किया गया।
सरकार ने अदालत में कहा कि भुगतान में हुई देरी जानबूझकर की गई अवहेलना नहीं है। सरकार का पक्ष है कि उसने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई है। मुख्य सचिव ने हलफनामे में हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करने और 6 प्रतिशत ब्याज सहित बकाया भुगतान की देनदारी स्वीकार करने की बात कही है।
कर्मचारियों के लिए क्या है इसका मतलब?
पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए यह मामला डीए और डीआर के पुराने बकाये से जुड़ा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में भुगतान की निश्चित तारीख, किस्तों की व्यवस्था और प्रत्येक कर्मचारी को मिलने वाली व्यक्तिगत राशि का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए 22,818 करोड़ रुपये की राशि को सभी कर्मचारियों के खातों में तत्काल जमा होने वाला भुगतान नहीं माना जाना चाहिए।
