जब मुख्यमंत्री साय बने फोटोग्राफर: पुरानी तस्वीरों ने ताजा कीं राजनीतिक सफर और गांव-खेत की यादें
रायपुर। कैमरे में कैद एक तस्वीर कई बार शब्दों से ज्यादा कुछ कह जाती है। वह बीते दौर की कहानी भी सुनाती है और उन पलों को भी सामने ले आती है, जो समय के साथ स्मृतियों में कहीं पीछे छूट गए होते हैं। रायपुर में आयोजित फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’ के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी ऐसी ही स्मृतियों से रूबरू हुए।
विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब की ओर से आयोजित पांच दिवसीय आयोजन के समापन समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में उनके सार्वजनिक जीवन, राजनीतिक सफर और ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़ी पुरानी तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई थीं। तस्वीरों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों को याद किया और कई संस्मरण साझा किए।
पहली बार विधायक बनने की तस्वीर ने दिलाई पुरानी याद
प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री के पहली बार विधायक चुने जाने के समय की तस्वीर भी प्रदर्शित थी। उसे देखकर उन्होंने उस दौर का एक दिलचस्प प्रसंग साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार विधायक बनने के अवसर पर उन्होंने विशेष रूप से सफारी सूट सिलवाया था।
पुरानी तस्वीर के बहाने सामने आया यह छोटा-सा किस्सा कार्यक्रम के औपचारिक माहौल को सहजता में बदल गया। मुख्यमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन के शुरुआती दौर से जुड़े अन्य अनुभव भी वहां मौजूद लोगों के साथ साझा किए।
तस्वीरों में दिखा गांव से जुड़ा जीवन
प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री के खेती-किसानी और ग्रामीण जीवन से जुड़े चित्र भी लगाए गए थे। खेत में हल चलाते हुए अपनी तस्वीर देखकर मुख्यमंत्री ने गांव के दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि ऐसी तस्वीरें उन्हें अपनी मिट्टी, खेत-खलिहान और ग्रामीण जीवन से जुड़ी पुरानी स्मृतियों तक वापस ले जाती हैं।
मुख्यमंत्री का ग्रामीण परिवेश से जुड़ा यह पक्ष प्रदर्शनी देखने आए लोगों के लिए भी खास आकर्षण का विषय रहा।
जब मुख्यमंत्री ने खुद थामा कैमरा
‘दृश्य संवाद 2026’ के दौरान सबसे खास क्षणों में से एक तब आया, जब मुख्यमंत्री साय ने स्वयं कैमरा संभाल लिया। वर्षों से मुख्यमंत्री और अन्य सार्वजनिक हस्तियों की तस्वीरें अपने कैमरे में कैद करने वाले फोटो पत्रकार की तस्वीर इस बार खुद मुख्यमंत्री ने खींची।
इस सहज पल ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। मुख्यमंत्री का यह अंदाज फोटो पत्रकारों के साथ उनके आत्मीय जुड़ाव को भी दर्शाता नजर आया।
‘एक तस्वीर कई बार पूरी कहानी कह देती है’
फोटो पत्रकारिता के महत्व पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तस्वीर महज किसी घटना का दृश्य रिकॉर्ड नहीं होती। वह अपने समय, समाज और परिस्थितियों का दस्तावेज भी बन जाती है। कई बार बिना किसी शब्द के एक तस्वीर पूरी कहानी कहने की क्षमता रखती है।
उन्होंने कहा कि फोटो पत्रकार अक्सर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में घटनास्थल तक पहुंचते हैं और समाज तथा इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों को कैमरे में दर्ज करते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नई पीढ़ी के लिए सीखने का मंच बना ‘दृश्य संवाद’
मुख्यमंत्री ने रायपुर प्रेस क्लब की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता की प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अनुभवी फोटो पत्रकारों के काम को करीब से समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने फेस्ट से जुड़े सभी आयोजकों, फोटो पत्रकारों और प्रतिभागियों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्रकृति से लेकर जनसरोकार तक, तस्वीरों में दिखा छत्तीसगढ़
19 अगस्त से आयोजित पांच दिवसीय ‘दृश्य संवाद 2026’ में प्रेस फोटो पत्रकारों के साथ ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों की तस्वीरें भी प्रदर्शित की गईं। प्रदर्शनी में प्रकृति एवं पर्यावरण, संस्कृति एवं परंपरा, समाचार और जनसरोकार जैसे विषयों पर केंद्रित तस्वीरों ने छत्तीसगढ़ के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन के विविध पक्षों को सामने रखा।
इन तस्वीरों में प्रदेश की प्रकृति, लोकजीवन, परंपराएं, बदलता सामाजिक परिवेश और रोजमर्रा के जीवन के अनेक रंग दिखाई दिए। आयोजन के दौरान पत्रकारों, विद्यार्थियों, फोटोग्राफी में रुचि रखने वाले युवाओं और आम नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
प्रेस क्लब पदाधिकारी और फोटो पत्रकार रहे मौजूद
समापन समारोह में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े सहित प्रेस क्लब के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के संयोजक दीपक पांडे के साथ वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी, प्रदीप डडसेना, राजकुमार चतुर्वेदी, रुपेश यादव, नरेंद्र बंगाले, सुधीर सागर, रमन हलवाई, किशन लोखंडे, मनोज देवांगन, विजय देवांगन, विनय घाड़गे, पंकज चौहान, हीरा मानिकपुरी, त्रिलोचन मानिकपुरी, हेमंत गोस्वामी, जय गोस्वामी, पंकज सिंह सहित बड़ी संख्या में फोटो पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
