UPI का वैश्विक विस्तार: दुनिया के 12 देशों में बजा भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का डंका, बना नया ग्लोबल रिकॉर्ड
नई दिल्ली: भारत के स्वदेशी डिजिटल पेमेंट इंटरफेस UPI (Unified Payments Interface) ने वैश्विक स्तर पर सफलता का एक नया और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है। भारत की डिजिटल क्रांति की पहचान बन चुका UPI अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के 12 देश अब तक इसे पूरी तरह या आंशिक रूप से अपना चुके हैं।
NPCI (National Payments Corporation of India) की अंतर्राष्ट्रीय शाखा (NIPL) के प्रयासों से वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में भारत की पकड़ मजबूत हुई है।
इन प्रमुख देशों में शुरू हो चुकी है सेवा
UPI का इस्तेमाल अब कई प्रमुख एशियाई, यूरोपीय और मध्य-पूर्वी देशों में भारतीय पर्यटकों और वहां रहने वाले प्रवासियों द्वारा आसानी से किया जा रहा है:
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पड़ोसी देश: नेपाल, भूटान, श्रीलंका और मालदीव
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खाड़ी देश: संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान, कतर और मॉरीशस
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दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप: सिंगापुर, फ्रांस, यूके (UK) और स्विट्जरलैंड
भारतीय यात्रियों और प्रवासियों को सीधा लाभ
UPI के अंतर्राष्ट्रीय विस्तार से विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों और वहां काम कर रहे प्रवासियों को कई बड़े फायदे हो रहे हैं:
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कैशलेस और सुरक्षित लेनदेन: विदेशों में करेंसी एक्सचेंज (FX) के झंझट के बिना सीधे QR कोड स्कैन करके पेमेंट किया जा सकता है।
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सस्ती रेमिटेंस (Cross-Border Transfer): एनआरआई (NRI) अब बेहद कम शुल्क पर अपने परिजनों को तुरंत पैसे भेज पा रहे हैं।
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भारतीय मर्चेंट्स और टूरिज्म को बढ़ावा: भारतीय रुपए में आसान लेनदेन की वजह से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को गति मिल रही है।
डिजिटल इंडिया का वैश्विक प्रभाव
विश्व बैंक (World Bank) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) जैसे वैश्विक संगठन भी भारत के UPI मॉडल की सराहना कर चुके हैं। कम लागत, सुरक्षित और त्वरित भुगतान तकनीक की वजह से कई अन्य देश भी अपने यहाँ इस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए भारत से हाथ मिला रहे हैं। विशेषज्ञ इसे भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ और डिजिटल कूटनीति की एक बड़ी जीत मान रहे हैं।
