“एकता से अधिकार: गीग मजदूरों के पुनरुत्थान की दिशा में बड़ा कदम” — शोभा सिंहदेव

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में रविवार को गीग मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा, अधिकारों और उत्थान को लेकर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने गीग वर्करों की स्थिति, चुनौतियों और उनके अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की।
भारतीय मजदूर संघ की अध्यक्ष शोभा सिंहदेव ने कहा कि ओला, उबर, जोमैटो, स्विगी, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों में कार्य करने वाले गीग मजदूरों को “पार्टनर” कहकर उनकी सामाजिक सुरक्षा से दूर रखा जाता है। उन्होंने कहा कि यह संगोष्ठी गीग मजदूरों के पुनरुत्थान का शंखनाद है और उनके अधिकारों की लड़ाई के लिए संगठन जरूरी है।

छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि संगठन की शक्ति से ही बड़े
परिवर्तन संभव होते हैं और गीग वर्करों के हित में सरकार लगातार प्रयासरत है।
कर्मकार मंडल के पूर्व अध्यक्ष मोहन एंटी ने गीग वर्करों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील करते हुए बताया कि अब ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन कर 2 लाख रुपये तक का बीमा लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
स्वतंत्र श्रमिक शोधार्थी शुभांगी शुक्ला ने गीग वर्करों के आर्थिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की जीडीपी में उनका महत्वपूर्ण योगदान है और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए संगठन आवश्यक है।
कार्यक्रम में “मोर संगवारी” परियोजना के प्रबंधक परितोष डोनगांवकर ने ई-श्रम पोर्टल में पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी दी।
संगोष्ठी का संचालन महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा 20 गीग मजदूरों को साइकिल खरीदने के लिए 3,697 रुपये के चेक वितरित किए गए।
कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के पूर्व महामंत्री नरोत्तम धृतलहरे एवं प्रदीप देवांगन सहित बड़ी संख्या में गीग वर्कर उपस्थित रहे।