रायपुर: छत्तीसगढ़ में जनजातीय विकास को मिल रही अभूतपूर्व गति, बोले CM विष्णु देव साय
रायपुर, 12 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास के जनदर्शन हॉल में आयोजित ‘भारतीय आदिम जाति सेवक संघ’ के छत्तीसगढ़ राज्य बोर्ड के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवगठित बोर्ड के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
कार्यक्रम में भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के अध्यक्ष श्री प्रकाश कुमार उइके, श्रीमती कौशल्या साय, श्री राजेश मालवीय, श्री कुंवर जितेंद्र नरसिंह राणा सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।
गौरवशाली इतिहास से जुड़ी है यह संस्था
मुख्यमंत्री श्री साय ने संस्था के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय आदिम जाति सेवक संघ का इतिहास बेहद गौरवपूर्ण रहा है। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद इसके पहले अध्यक्ष थे, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री श्री मोरारजी देसाई ने भी इस प्रतिष्ठित संस्था का नेतृत्व किया था। ऐसी संस्था का छत्तीसगढ़ में सक्रिय होना राज्य के जनजातीय समुदायों के उत्थान में मील का पत्थर साबित होगा।
बस्तर में विकास का नया युग: पर्यटकों की पहली पसंद
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब विकास के नए युग में कदम रख चुका है।
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मूलभूत सुविधाओं का विस्तार: सुदूर वनांचलों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और संचार सुविधाओं को तेजी से मजबूत किया जा रहा है।
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पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। स्थानीय ‘होमस्टे’ (Homestays) के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी भाई-बहनों की आजीविका सशक्त हो रही है।
‘नियद नेल्लानार योजना’ से 40 दशकों का अंधेरा दूर
मुख्यमंत्री ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि पिछले 4 दशकों से बस्तर के लगभग 400 गांवों का शासकीय सर्वे तक नहीं हो पाया था, जिससे वे विकास की मुख्यधारा से कटे हुए थे। वर्तमान सरकार ने इन गांवों का सर्वे पूरा कराया है।
नियद नेल्लानार योजना (Niyad Nellanar Scheme): इस विशेष योजना के तहत 500 से अधिक प्रभावित गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। ग्रामीणों के राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं, नई उचित मूल्य की दुकानें खोली जा रही हैं और हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में दो बड़े कदम: ‘स्वस्थ बस्तर’ और ‘बस्तर मुन्ने’
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मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना: इसके अंतर्गत दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार कर रही हैं।
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बस्तर मुन्ने कार्यक्रम: गोंडी बोली में ‘मुन्ने’ का अर्थ होता है ‘अग्रणी’। इस ‘अग्रणी बस्तर’ पहल के जरिए अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अंत में विश्वास जताया कि संघ का यह नया बोर्ड छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने में सरकार का एक मजबूत सहयोगी बनेगा।
