रायपुर: डिजिटल सुशासन से बदल रहा छत्तीसगढ़, उत्कृष्ट भूमि सुधारों के लिए केंद्र से मिले ₹598 करोड़: CM विष्णु देव साय

रायपुर, 12 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सुधारों और डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में एक नए परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है। राज्य सरकार ने सुशासन को केवल नीति का विषय न बनाकर इसे अपनी मूल कार्यशैली में शामिल किया है। अब तक लागू किए गए 435 प्रशासनिक सुधारों ने सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी को खत्म कर दिया है।

इन्हीं बेहतरीन प्रयासों का परिणाम है कि भूमि सुधारों और एग्रीस्टैक के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को ₹598 करोड़ का विशेष सहायता अनुदान प्रदान किया है।

डिजिटल गवर्नेंस ने बदली शासन की कार्यशैली

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को शासन का अभिन्न हिस्सा बनाया है।

  • सुशासन एवं अभिसरण विभाग: योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग और समन्वय के लिए विशेष विभाग का गठन किया गया है।

  • अटल मॉनिटरिंग पोर्टल: 25 दिसंबर 2023 को शुरू किए गए इस पोर्टल के जरिए महत्वाकांक्षी योजनाओं की सीधे ऑनलाइन समीक्षा की जा रही है।

  • ई-ऑफिस प्रणाली और स्वागतम पोर्टल: इन डिजिटल पहलों ने फाइलों के निपटारे को बेहद तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है।

‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076’ बनी जनता का भरोसा

सुशासन की सबसे बड़ी पहचान नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान है। इसी उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अब सरकार और जनता के बीच सीधा सेतु बन चुकी है।

  • प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर चौबीसों घंटे अपनी शिकायत या फीडबैक दर्ज करा सकता है।

  • इस हेल्पलाइन से राज्य के 42 विभागों के लगभग 8,000 अधिकारी सीधे जुड़े हुए हैं।

  • यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता, तो मामला स्वतः ही उच्च अधिकारियों के पास समीक्षा के लिए चला जाता है।

‘सेवा सेतु’ से घर-घर तक पहुंची सरकारी सेवाएं

नागरिक सेवाओं को एक मंच पर लाने के लिए ‘सेवा सेतु’ पोर्टल विकसित किया गया है।

  • वर्तमान में इस पोर्टल पर 36 विभागों की 520 सेवाएं उपलब्ध हैं।

  • राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में 16,726 सेवा केंद्र सक्रिय हैं।

  • 1 अप्रैल 2025 से अब तक मिले 39.75 लाख से अधिक आवेदनों में से 37.52 लाख (लगभग 94.3%) आवेदनों का सफल निपटारा किया जा चुका है।

  • यह पोर्टल डिजीलॉकर एकीकरण, ई-चालान, आधार प्रमाणीकरण और डीबीटी भुगतान जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस है।

निवेश के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और 24×7 दुकानें

उद्योगपतियों और व्यवसायियों की सुविधा के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं:

  • सिंगल विंडो सिस्टम 2.0: उद्योगों की स्थापना के लिए सभी जरूरी अनुमतियां एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिल रही हैं।

  • 24×7 व्यापार की छूट: राज्य सरकार ने दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सप्ताह के सातों दिन चौबीसों घंटे खुले रखने की अनुमति दी है।

  • MSME मंत्रालय: छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नए एमएसएमई मंत्रालय की घोषणा की गई है।

रजिस्ट्री व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार और सुगम एप

जमीन और संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने वाले नागरिकों के लिए बड़े प्रशासनिक सुधार किए गए हैं:

  • उपकर की समाप्ति: 28 अप्रैल 2026 से अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाले 0.60% उपकर को समाप्त कर दिया गया है, जिससे नागरिकों को करीब ₹150 करोड़ की बड़ी राहत मिली है।

  • मात्र 12-15 मिनट में रजिस्ट्री: नया रायपुर अटल नगर में देश का पहला अत्याधुनिक ‘स्मार्ट पंजीयन कार्यालय’ शुरू किया गया है, जहाँ रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया महज 12 से 15 मिनट में पूरी हो जाती है। अगले एक साल में राज्य के सभी 117 पंजीयन कार्यालयों को इसी तरह आधुनिक बनाया जाएगा।

भूमि सुधार: ड्रोन तकनीक और स्वामित्व योजना

  • डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण: भू-अभिलेखों का पूर्ण कंप्यूटरीकरण और राजस्व न्यायालयों को ऑनलाइन किया गया है।

  • ड्रोन और जियो-रेफ्रेंसिंग: ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन आधारित ‘स्वामित्व योजना’ से वैज्ञानिक सर्वे कर डिजिटल संपत्ति कार्ड बांटे जा रहे हैं, जिससे भूमि विवादों में भारी कमी आ रही है।

प्रशासनिक सुधारों की यह सतत प्रक्रिया छत्तीसगढ़ को देश में सुशासन और डिजिटल प्रशासन के अग्रणी राज्यों में स्थापित कर रही है।