छत्तीसगढ़ में टीचर भर्ती विवाद: हाईकोर्ट का नया आदेश, 10 फरवरी से काउंसलिंग में बीएड डिग्रीधारी भी होंगे शामिल
छत्तीसगढ़ में टीचर भर्ती को लेकर चल रहे विवाद पर हाईकोर्ट ने एक नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत, 10 फरवरी से शुरू होने वाली काउंसलिंग में बीएड डिग्रीधारी उन अभ्यर्थियों को भी शामिल किया जाएगा, जिन्होंने अपनी डीएड डिप्लोमा का जिक्र नहीं किया था। इसके अलावा, राज्य शासन से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है।
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश पर डीएड अभ्यर्थियों की भर्ती के लिए 2855 अभ्यर्थियों की लिस्ट हाईकोर्ट में पेश की गई थी। कोर्ट ने शासन को 15 दिन में आदेश का पालन करने का निर्देश दिया था, और आदेश का पालन न होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद राज्य शासन ने बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों की सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया और डीएड अभ्यर्थियों के लिए 10 फरवरी से काउंसलिंग करने का निर्देश दिया था।

वहीं, बीएड डिग्रीधारी कई उम्मीदवारों ने, जिनमें स्वाति देवांगन समेत अन्य लोग शामिल हैं, हाईकोर्ट में नई याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि वे भी उस काउंसलिंग में शामिल होना चाहते हैं, जिसमें डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति की प्रक्रिया होगी। याचिका में यह भी बताया गया कि याचिकाकर्ताओं ने बीएड से पहले डीएड डिप्लोमा किया था, लेकिन आवेदन में इसका जिक्र नहीं कर पाए थे।
हाईकोर्ट के जस्टिस एके प्रसाद ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इस केस में मेरिट के आधार पर कोई निर्देश नहीं दिया जाएगा, लेकिन काउंसलिंग में बीएड डिग्रीधारी उम्मीदवारों को भी शामिल करने की अनुमति दी जा सकती है।
इस फैसले के बाद, छत्तीसगढ़ सरकार ने 5 फरवरी से शुरू होने वाली काउंसलिंग को बढ़ाकर 10 फरवरी कर दिया है। अब बीएड डिग्रीधारी अभ्यर्थी भी काउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने डीएड डिप्लोमा किया है।
2,897 सहायक शिक्षकों की नौकरी समाप्त
हाईकोर्ट के आदेश के बाद, 2,897 सहायक शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया गया है, जिनकी नियुक्ति 12 से 16 महीने पहले हुई थी। ये शिक्षक अब समायोजन यानी नौकरी के बदले नौकरी की मांग को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे थे, लेकिन आचार संहिता के कारण उन्हें अपना आंदोलन स्थगित करना पड़ा।
ये शिक्षक 2018 में NCTE की गाइडलाइंस के तहत नियुक्त हुए थे, जिसमें बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने के योग्य माना गया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को इस गाइडलाइन को रद्द कर दिया था, जिसके बाद डीएड अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया।
हाईकोर्ट ने बीएड अभ्यर्थियों की काउंसलिंग पर रोक लगा दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने काउंसलिंग जारी रखने का आदेश दिया। इसके बाद, सितंबर 2023 में बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को ऑफर लेटर दिया गया, लेकिन अप्रैल 2024 में हाईकोर्ट का अंतिम फैसला उनके खिलाफ गया, जिसके बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।
