सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की याचिका पर सुनवाई, हिरासत में लिए गए नाबालिगों को रिहा करने के आदेश
नई दिल्ली: प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस को सख्त हिदायत दी है कि प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए सभी नाबालिगों (Minors) को तुरंत रिहा किया जाए।
डिजिटल डेटा सार्वजनिक न करने की हिदायत
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों की निजता (Privacy) का ध्यान रखते हुए पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि प्रदर्शन में शामिल लोगों या हिरासत में लिए गए छात्रों का कोई भी डिजिटल डेटा (जैसे वीडियो, तस्वीरें, या बायोमेट्रिक जानकारी) सार्वजनिक न किया जाए।
छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को छात्रों और युवाओं के अधिकारों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार और निजता का अधिकार संवैधानिक हैं, और पुलिस कार्रवाई के दौरान नाबालिगों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होना चाहिए।
इस निर्देश के बाद अब राज्यों की पुलिस को हिरासत में लिए गए नाबालिगों की पहचान कर उन्हें तत्काल प्रभाव से छोड़ने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
