नई दिल्ली।
सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले में सभी 22 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी गई है। अदालत ने निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका को निरस्त कर दिया।
यह मामला लंबे समय से देश की चर्चित कानूनी और राजनीतिक घटनाओं में शामिल रहा है। आरोप था कि सोहराबुद्दीन शेख की कथित फर्जी मुठभेड़ में हत्या की गई थी। मामले की जांच के बाद कई पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
विशेष अदालत ने पहले सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया था। इसके खिलाफ दायर याचिका में फैसले को चुनौती देते हुए पुनर्विचार की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं बनती। फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।