सांस्कृतिक अपडेट: भगवान बुद्ध की पवित्र भूमि सारनाथ को मिला यूनेस्को का दर्जा, विश्व धरोहर सूची में हुआ शामिल
सारनाथ / वाराणसी: भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए आज का दिन बेहद गौरवपूर्ण साबित हुआ है। भगवान बुद्ध से जुड़े अति-पवित्र और ऐतिहासिक स्थल सारनाथ को आधिकारिक तौर पर यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर (World Heritage Site) सूची में शामिल कर लिया गया है।
बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र है सारनाथ
वाराणसी के समीप स्थित सारनाथ बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए दुनिया के सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। ज्ञान प्राप्ति के बाद भगवान बुद्ध ने यहीं पर अपने पहले पांच शिष्यों को पहला उपदेश (धम्मचक्कप्पवत्तन सुत्त) दिया था।
सारनाथ में स्थित प्रसिद्ध धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप और अशोक स्तंभ (जिसका सिंह शीर्ष भारत का राष्ट्रीय प्रतीक है) प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला और इतिहास का अनुपम उदाहरण हैं।
पर्यटन और वैश्विक पहचान को मिलेगा बढ़ावा
यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का टैग मिलने से सारनाथ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और संरक्षण मिलेगा। इससे न केवल वैश्विक स्तर पर बौद्ध पर्यटन (Buddhist Tourism) को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
देश-विदेश के बौद्ध धर्मगुरुओं, इतिहासकारों और नागरिकों ने सारनाथ को यह वैश्विक सम्मान मिलने पर खुशी जाहिर की है।
