सहकार प्रेरणा सम्मान: सीएम विष्णु देव साय ने जशपुर की महिला स्व-सहायता समूह को किया सम्मानित, कमाए ₹36 लाख

रायपुर, 5 जुलाई 2026:

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जशपुर जिले के ‘वन धन विकास केंद्र, पंचक्की’ से जुड़ी महिलाओं को ‘सहकार प्रेरणा सम्मान’ से नवाजा है। यह सम्मान भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के स्थापना के 5 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन और सहकारी सप्ताह कार्यक्रम के दौरान दिया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वन विभाग के अंतर्गत संचालित इस केंद्र के ‘अनंत स्व-सहायता समूह’ को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सहकार प्रेरणा पुरस्कार और लाभांश राशि का चेक सौंपकर उनका हौसला बढ़ाया।

च्यवनप्राश और औषधीय उत्पाद बेचकर कमाए 36 लाख रुपये

‘अनंत स्व-सहायता समूह’ की 10 महिलाएं सामूहिक रूप से च्यवनप्राश सहित कई तरह के औषधीय उत्पादों का निर्माण करती हैं। समूह द्वारा तैयार उच्च गुणवत्ता वाले इन उत्पादों की सप्लाई आयुष विभाग सहित अन्य संस्थानों और आम उपभोक्ताओं को की जाती है। वर्ष 2024-25 के दौरान इस महिला समूह ने लगभग 36 लाख रुपये के उत्पादों का विक्रय कर महिला स्वावलंबन और ग्रामीण उद्यमिता (Rural Entrepreneurship) की एक नई मिसाल पेश की है।

‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को मिल रही नई गति

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में “सहकार से समृद्धि” के लक्ष्य को एक नई गति मिली है। राज्य सरकार सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने आगे कहा:

“केंद्र सरकार कृषि के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में सहकारिता को मजबूती दे रही है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में बड़े सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं।”

छत्तीसगढ़ की हर पंचायत में होगी सहकारी समिति

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 29 जून से 6 जुलाई तक ‘सहकारिता सप्ताह’ के तहत कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहकारिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश की कोई भी पंचायत सहकारिता से अछूती न रहे, इसके लिए अब तक रिकॉर्ड 1,352 नई सहकारी समितियों (Cooperative Societies) का गठन किया जा चुका है।