महंगाई का डबल झटका: लगातार पांचवें महीने बढ़ी खुदरा महंगाई दर, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर आया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली: आम जनता की जेब पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। मई महीने के ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation Rate) में लगातार पांचवें महीने बढ़त दर्ज की गई है, जिससे यह बढ़कर 3.93% पर पहुंच गई है। खाने-पीने की चीजों से लेकर परिवहन (Transportation) तक सब कुछ महंगा होने से आम उपभोक्ताओं का बजट बिगड़ गया है।

इन चीजों की कीमतों में आया जोरदार उछाल

मई महीने में महंगाई बढ़ने के पीछे कई मुख्य कारण रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निम्नलिखित सेक्टरों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई है:

  • खाद्य पदार्थ (Food Items): रोजमर्रा के खाने-पीने की चीजों और रसोई के सामान की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

  • लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन: माल ढुलाई और यात्रा की लागत बढ़ने का सीधा असर अन्य सामानों की कीमतों पर पड़ा है।

  • सोना और चांदी: सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आई जोरदार तेजी ने भी महंगाई के आंकड़ों को प्रभावित किया है।

कच्चा तेल हुआ सस्ता, लेकिन पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर

अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) से आम उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर जरूर आई थी, जहाँ कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट देखी गई है। हालांकि, इस गिरावट का फायदा भारतीय उपभोक्ताओं को फिलहाल मिलता नहीं दिख रहा है।

भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज भी पेट्रोल और डीजल की घरेलू कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है और दाम जस के तस बने हुए हैं।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है: यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह कम बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में तेल कंपनियां घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दामों में कटौती कर जनता को थोड़ी राहत दे सकती हैं।

आम जनता और इकोनॉमी पर असर

लगातार पांच महीनों से बढ़ती महंगाई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के लिए भी चिंता का विषय बन सकती है। यदि महंगाई दर में बढ़ोतरी का यह सिलसिला आगे भी जारी रहा, तो आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC Meeting) में ब्याज दरों को लेकर कड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं, जिसका सीधा असर होम लोन और कार लोन की EMI पर पड़ सकता है।