पेड़ों को ‘आजादी’ देने रायपुर में चला पुनर्जीवन अभियान, 2,302 ट्री गार्ड और 571 कांक्रीट घेरे हटाए गए

कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने किया अभियान का निरीक्षण, निगम के सभी 10 जोनों में जारी है पौधों को प्राकृतिक वातावरण देने की मुहिम

रायपुर। राजधानी में पौधों के बेहतर विकास और पर्यावरण संरक्षण को लेकर रायपुर जिला प्रशासन एवं नगर निगम ने ‘प्रोजेक्ट पुनर्जीवन’ के तहत व्यापक अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य उन पौधों को प्राकृतिक रूप से विकसित होने का अवसर देना है, जो ट्री गार्ड, कांक्रीट के घेरे और पेवर से घिरे होने के कारण पर्याप्त मिट्टी, पानी और हवा नहीं पा रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश और कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस अभियान के तहत नगर निगम के सभी 10 जोनों में ऐसे पौधों की पहचान कर उनके आसपास बने अनावश्यक कांक्रीट स्ट्रक्चर और अन्य अवरोध हटाए जा रहे हैं।

पौधों की जड़ों को मिला खुला वातावरण

नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देशन में सभी जोन कमिश्नरों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे पौधों को चिन्हित करने की जिम्मेदारी दी गई। अभियान के दौरान यह देखा गया कि कई स्थानों पर पौधों के चारों ओर ट्री गार्ड लगाने के साथ जमीन को कांक्रीट या पेवर से पूरी तरह ढंक दिया गया था।

ऐसी स्थिति में पौधों की जड़ों तक प्राकृतिक रूप से मिट्टी और वर्षाजल पहुंचने में बाधा आती है। प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के तहत इन अवरोधों को हटाकर पौधों के आसपास पर्याप्त खुली जगह उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

अब तक 2,302 ट्री गार्ड और 571 कांक्रीट घेरे हटे

नगर निगम के अनुसार 22 अगस्त 2026 तक विभिन्न जोन क्षेत्रों में करीब 2,302 स्थानों से ट्री गार्ड तथा 571 स्थानों से कांक्रीट के घेरे एवं पेवर हटाए जा चुके हैं।

नगर निगम के सभी 10 जोनों में यह कार्य अभी भी जारी है। अधिकारियों की नियमित निगरानी में ऐसे पौधों की पहचान और उनके आसपास की जगह को प्राकृतिक स्वरूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर जानी अभियान की प्रगति

कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का दौरा कर प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के तहत चल रहे कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पौधों के आसपास से हटाए जा रहे कांक्रीट और पेवर की स्थिति देखी तथा संबंधित अधिकारियों से अभियान की प्रगति की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार विश्वरंजन, अपर आयुक्त उद्यान विनोद पाण्डेय, उपायुक्त उद्यान जागृति साहू, जोन कमिश्नर, कार्यपालन अभियंता और अन्य निगम अधिकारी मौजूद रहे। लोक निर्माण विभाग, वन विभाग तथा जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारी भी निरीक्षण में शामिल हुए।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि पौधों के जीवित रहने और उनके बेहतर विकास की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।

निगम आयुक्त कर रहे लगातार मॉनिटरिंग

नगर निगम के सभी 10 जोनों में चल रहे कार्यों की नियमित समीक्षा निगम आयुक्त संबित मिश्रा द्वारा की जा रही है। जोन स्तर पर अधिकारियों को चिन्हित पौधों की स्थिति, हटाए गए अवरोध और आगे की आवश्यकता पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अभियान का फोकस ऐसे स्थानों पर है, जहां पौधों को प्राकृतिक रूप से मिट्टी, पानी और हवा उपलब्ध कराने के लिए आसपास पर्याप्त खुला क्षेत्र बनाया जा सकता है।

नागरिकों से पौधों की देखभाल में भागीदारी की अपील

कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने राजधानी के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास लगाए गए पौधों की देखभाल में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने नागरिकों से पौधों को समय-समय पर पानी और आवश्यक खाद उपलब्ध कराने तथा उनके संरक्षण में सहयोग करने का आग्रह किया।

जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नागरिकों को ‘पर्यावरण मित्र’ के रूप में प्रोत्साहित और सम्मानित करने की बात भी कही है।

सिर्फ पौधे लगाना नहीं, उन्हें बड़ा करना भी लक्ष्य

‘प्रोजेक्ट पुनर्जीवन’ का संदेश केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है। अभियान इस बात पर जोर देता है कि पौधा लगाने के बाद उसके आसपास ऐसा वातावरण भी तैयार किया जाए, जिसमें वह अपनी जड़ों का विस्तार कर सके और प्राकृतिक रूप से विकसित हो।

ट्री गार्ड और कांक्रीट के अनावश्यक घेरों से पौधों को मुक्त कर खुली मिट्टी उपलब्ध कराने की यह पहल राजधानी में हरित क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अलग तरह का प्रयास है। जिला प्रशासन और नगर निगम की यह मुहिम अब पौधों के संरक्षण से आगे बढ़कर नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।