दृष्टिहीनों के लिए भिंड नगर पालिका में सफाई कर्मचारी, चालक और फायरमैन पदों की भर्ती, सरकार की मंशा पर सवाल

मध्य प्रदेश के भिंड नगर पालिका ने दृष्टिबाधित और कम दृष्टिबाधित उम्मीदवारों के लिए सफाई कर्मचारी, चालक और फायरमैन के पदों पर भर्ती निकाली है। यह कदम प्रदेश सरकार ने सभी नगरीय निकायों के लिए उठाया है, लेकिन इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

जैसे ही यह सूचना सामने आई, लोगों के मन में पहला सवाल आया, “क्या एक दृष्टिहीन व्यक्ति इन पदों के लिए योग्य हो सकता है?” इसके पीछे सरकार की मंशा क्या है? यह सवाल अधिकारियों के लिए भी जवाब देने में मुश्किल साबित हो रहा है।

दरअसल, 15 जुलाई को मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के लिए एक पत्र जारी किया था। इस पत्र में उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत दिव्यांगजनों के लिए रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिए गए थे। आदेश में यह भी कहा गया था कि दिव्यांगता के चार श्रेणियों के तहत, जैसे दृष्टिहीन, कम दृष्टिहीन, लोकोमीटर और मूक-बधिर, इन पदों के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

इस भर्ती के तहत भिंड नगर पालिका में 26 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इनमें सफाई कर्मचारी, चालक और फायरमैन जैसे पद शामिल हैं। अब तक इन पदों के लिए 334 आवेदन आ चुके हैं।

भर्ती के नियमों के अनुसार, यदि दिव्यांगता की एक श्रेणी के लिए पात्र उम्मीदवार नहीं मिलता, तो यह पद अगले भर्ती वर्ष में कैरी फॉरवर्ड हो सकता है। इसके बाद, यदि फिर भी कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिलता, तो दिव्यांगता की अन्य श्रेणियों के बीच परस्पर अदला-बदली की जा सकती है।

इस भर्ती प्रक्रिया में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या एक दृष्टिहीन व्यक्ति सफाई कर्मचारी या फायरमैन जैसे शारीरिक रूप से कठिन पदों के लिए सक्षम हो सकता है? क्या यह भर्ती केवल आंकड़ों को पूरा करने के लिए की जा रही है, या फिर यह दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अवसर बढ़ाने की कोशिश है?

इस फैसले को लेकर अधिकारियों के पास भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं है, और यह एक ऐसा मामला बन चुका है जो कई सवालों के घेरे में है। अब यह देखना होगा कि इस भर्ती प्रक्रिया में क्या निष्कर्ष निकलता है और क्या सरकार के इस कदम से दिव्यांगों को वास्तविक रोजगार के अवसर मिलते हैं या नहीं।