आदिवासी छात्रावास का औचक निरीक्षण कर रामविचार नेताम ने जानी छात्राओं की समस्याएं, सुविधाओं में सुधार के दिए निर्देश

महासमुंद। आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने महासमुंद जिले में संचालित आदिवासी छात्रावासों और कन्या आश्रमों की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण कर विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने छात्रावासों में स्वच्छता, भोजन, पेयजल, सुरक्षा, स्वास्थ्य और अध्ययन के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

इसी क्रम में मंत्री ने शाम को महासमुंद स्थित पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करने के साथ छात्राओं से सीधे बातचीत की। इस दौरान छात्राओं की पढ़ाई, स्वास्थ्य, रहन-सहन, करियर और छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी ली। महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे।

छात्राओं के साथ जमीन पर बैठकर किया संवाद

निरीक्षण के दौरान रामविचार नेताम ने छात्रावास परिसर में चबूतरे पर बैठकर छात्राओं के साथ सहज माहौल में बातचीत की। उन्होंने छात्राओं से उनके विषय, परीक्षा की तैयारियों, पढ़ाई में रुचि और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में पूछा।

उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत और लगन जरूरी है। छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को पढ़ाई के लिए बेहतर और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने और अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह दी।

भोजन, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं की जांच

मंत्री ने छात्राओं से उनके स्वास्थ्य और भोजन की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होता है या नहीं, बीमार होने पर उपचार की सुविधा किस प्रकार उपलब्ध कराई जाती है और छात्राओं को समय पर पौष्टिक भोजन मिल रहा है या नहीं।

उन्होंने छात्रावास परिसर की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, अध्ययन कक्ष, बिजली, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि छात्रावास परिसर में स्वच्छता व्यवस्था नियमित रूप से बेहतर रखी जाए तथा छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि छात्राओं को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल समाधान किया जाना चाहिए और व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करते हुए सुधार सुनिश्चित किया जाए।

छात्रावास को सुरक्षित और अध्ययन के अनुकूल बनाने पर जोर

रामविचार नेताम ने अधिकारियों से कहा कि छात्रावास केवल आवास की सुविधा देने वाला स्थान नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए यहां ऐसा वातावरण होना चाहिए, जहां छात्राएं स्वयं को सुरक्षित महसूस करें और बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में छात्रावास अधीक्षक अथवा संबंधित अधिकारियों को खुलकर जानकारी दें। अधिकारियों को छात्रावास की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने और छात्राओं से निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मिले मार्गदर्शन

मंत्री ने छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर से संबंधित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्राओं को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे भविष्य के लिए बेहतर तैयारी कर सकें।

छात्राओं के उत्साह की सराहना

छात्राओं से बातचीत और छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद मंत्री ने उनके उत्साह और आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने छात्राओं को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

निरीक्षण के दौरान महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त, खंड प्रभारी, छात्रावास अधीक्षक सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।