रायपुर उरला फैक्ट्री हादसा: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने लिया कड़ा संज्ञान, छत्तीसगढ़ सरकार को थमाया नोटिस

रायपुर: राजधानी रायपुर के उरला इंडस्ट्रियल एरिया में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने इस पूरी घटना को श्रमिकों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी किया है और मामले में विस्तृत जवाब तलब किया है।

जून 2026 में हुआ था दर्दनाक हादसा, 3 मजदूरों की गई थी जान

गौरतलब है कि जून 2026 में रायपुर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र उरला स्थित एक फैक्ट्री में एक बड़ा हादसा हुआ था। यहाँ काम के दौरान अचानक ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से भीषण ब्लास्ट हुआ, जिसकी चपेट में आने से 3 स्थानीय मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

NHRC ने माना मानवाधिकारों का उल्लंघन, सरकार से मांगा जवाब

फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मजदूरों की मौत के इस मामले को NHRC ने स्वतः संज्ञान में लिया है। आयोग का मानना है कि कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल न मिलना और लापरवाही के कारण जान जाना सीधे तौर पर मानवाधिकारों का हनन है।

इस संबंध में आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को नोटिस भेजकर पूछा है कि:

  • हादसे के वक्त फैक्ट्री में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे?

  • दोषी प्रबंधन के खिलाफ अब तक क्या कानूनी कार्रवाई की गई है?

  • पीड़ित परिवारों और घायलों को कितना मुआवजा दिया गया है?

आयोग ने सरकार को इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए समय सीमा तय की है।