रायपुर में मनरेगा घोटाला: तत्कालीन CEO समेत 8 अफसरों पर गिरी गाज, 1.69 करोड़ के भ्रष्टाचार में चार्जशीट दाखिल

रायपुर (UPI24 News)।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत हुए करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। रायपुर जिले की 8 ग्राम पंचायतों में नियमों को ताक पर रखकर की गई खरीदी में 1.69 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हुआ है। मामले की विस्तृत जांच के बाद पुलिस और जांच एजेंसी ने तत्कालीन जनपद सीईओ (CEO) सहित 8 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है।

नियमों को ताक पर रखकर 1.69 करोड़ की खरीदी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घोटाला रायपुर जिले की 8 विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास व निर्माण कार्यों के नाम पर किया गया था। जिला स्तर के अधिकारियों ने मिलीभगत कर तय गाइडलाइन्स और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए फर्जी एवं मनमाने दरों पर खरीदी दिखाई। जांच में पाया गया कि इस पूरी प्रक्रिया से शासन को लगभग 1.69 करोड़ रुपये की वित्तीय हानि पहुँचाई गई।

तत्कालीन CEO सहित 8 पर शिकंजा

घोटाले की शिकायत मिलने के बाद गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ, तकनीकी सहायकों और संबंधित विभागीय कर्मचारियों को दोषी पाया गया। जांच पूरी होने के बाद कानूनी शिकंजा कसते हुए सभी 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दी गई है।

प्रशासनिक स्तर पर इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। मामले में अब अदालत द्वारा आगे की आपराधिक सुनवाई की जाएगी।