रेलवे कोचिंग यार्ड हादसा : ठेका मजदूर की करंट से मौत, हाईकोर्ट सख्त
बिलासपुर। रेलवे कोचिंग डिपो में काम कर रहे ठेका मजदूर प्रताप बर्मन (निवासी- मुलमुला, जांजगीर-चांपा) की करंट लगने से मौत हो गई। प्रताप वंदे भारत एक्सप्रेस के एक्स्ट्रा कोच में एसी की मरम्मत कर रहा था, तभी OHE तार की चपेट में आ गया। गंभीर झुलसने के बाद इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप है कि बिजली सप्लाई बंद किए बिना ही उसे कोच पर चढ़ा दिया गया, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने रेलवे प्रशासन और ठेकेदार की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।

⚖️ हाईकोर्ट का हस्तक्षेप
मजदूर की मौत की जानकारी छिपाने पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रेलवे अधिकारियों पर कड़ी नाराज़गी जताई।
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चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने सुनवाई करते हुए रेलवे जीएम को तीन दिन में शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया।
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इसमें हादसे की पूरी जानकारी, इलाज, मुआवज़ा और ठेकेदार पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा देना होगा।
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अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी।

⚠️ परिजनों का आक्रोश
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इलाज व मुआवजे को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने अपोलो अस्पताल में हंगामा किया।
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पोस्टमार्टम रुका रहा और रातभर डीआरएम ऑफिस के सामने धरना जारी रहा।
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पत्नी खुशबू बर्मन ने कहा – “मेरा पति चला गया, अब हमारा सहारा कौन बनेगा? रेलवे हमें मुआवज़ा और नौकरी दे, बच्चे की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाए।”
✊ विधायक का समर्थन
पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश धरना स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने रेलवे और ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
उनका कहना था कि – “इलाज का खर्च रेलवे को उठाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने अनदेखी की। यही कारण है कि प्रताप की जान नहीं बच सकी।”
