बिलासपुर से हावड़ा-टाटानगर वंदे भारत का प्रस्ताव अधर में
बिलासपुर से हावड़ा-टाटानगर वंदे भारत का प्रस्ताव अधर में, जोन मुख्यालय और रेलवे बोर्ड के रिकॉर्ड में सामने आया बड़ा अंतर
बिलासपुर। बिलासपुर से हावड़ा और टाटानगर के लिए प्रस्तावित वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर रेलवे के स्तर पर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। बिलासपुर रेल मंडल ने दोनों रूटों पर नई वंदे भारत चलाने के प्रस्ताव को 27 जून 2026 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के जोनल मुख्यालय भेजे जाने की जानकारी दी है, लेकिन रेलवे बोर्ड का कहना है कि उसके पास इन दोनों प्रस्तावों में से कोई भी मामला विचाराधीन नहीं है।
इस विरोधाभासी स्थिति का खुलासा आरटीआई के जरिए हुआ है। बिलासपुर के आरटीआई आवेदक अजय कुमार ने प्रस्तावित वंदे भारत ट्रेनों के साथ सात अन्य ट्रेनों के विस्तार से जुड़ी जानकारी मांगी थी। जवाब में बिलासपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि हावड़ा और टाटानगर के लिए वंदे भारत चलाने संबंधी प्रस्ताव 27 जून को जोनल मुख्यालय भेजे गए थे। मंडल की ओर से इसकी लिखित पुष्टि 14 जुलाई को दिए गए आरटीआई जवाब में भी की गई।
रेलवे बोर्ड तक प्रस्ताव पहुंचा या नहीं, यही बना सवाल
मंडल से मिली जानकारी के बाद आरटीआई के माध्यम से रेलवे बोर्ड में प्रस्तावों की मौजूदा स्थिति जानने का प्रयास किया गया। रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (कोचिंग) राजेश कुमार ने जवाब में बताया कि हावड़ा और टाटानगर से संबंधित इनमें से कोई भी प्रस्ताव उनके कार्यालय में विचाराधीन नहीं है।
इससे रेलवे की आंतरिक प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। नई वंदे भारत ट्रेन शुरू करने से पहले प्रस्ताव को जोनल स्तर पर तकनीकी, परिचालन और व्यावसायिक पहलुओं की जांच से गुजरना होता है। इसके बाद मामला रेलवे बोर्ड के स्तर तक पहुंचता है। ऐसे में जब मंडल प्रस्ताव जोनल मुख्यालय भेजे जाने की पुष्टि कर रहा है और बोर्ड के रिकॉर्ड में प्रस्ताव मौजूद नहीं है, तो अब यह जानना महत्वपूर्ण हो गया है कि एसईसीआर मुख्यालय ने इन प्रस्तावों को रेलवे बोर्ड तक भेजा भी या नहीं।
यदि प्रस्ताव बोर्ड को भेजे गए हैं, तो उनकी अग्रेषण की तारीख, माध्यम और वर्तमान स्थिति की जानकारी भी सामने आना बाकी है।
हावड़ा और टाटानगर के लिए नई ट्रेन की उम्मीद
बिलासपुर से हावड़ा और टाटानगर के बीच बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। टाटानगर रेल मार्ग झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई क्षेत्रों को जोड़ता है, जबकि हावड़ा के माध्यम से पूर्वी भारत के प्रमुख शहरों तक पहुंच आसान होती है।
ऐसे में इन दोनों रूटों पर वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होने से यात्रियों को तेज और आधुनिक रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद थी। खासकर बिलासपुर से पूर्वी भारत की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए इससे समय की बचत और बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध हो सकती है।
प्रस्ताव पर आगे बढ़ेगा रेलवे या अभी इंतजार?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिलासपुर मंडल से भेजे गए प्रस्तावों की जोनल मुख्यालय में क्या स्थिति है और उन्हें रेलवे बोर्ड तक भेजा गया है या नहीं। आरटीआई से सामने आई दोनों स्तरों की जानकारी ने मामले को लेकर स्थिति को और पेचीदा बना दिया है।
अब यात्रियों की नजर इस बात पर है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय इन प्रस्तावों को आगे बढ़ाता है या नहीं और बिलासपुर को हावड़ा तथा टाटानगर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात कब तक मिल पाती है।
