17 एकड़ में लगाए 7700 पौधे, 99% खत्म: गवर्नेंस और इम्प्लीमेंटेशन पर सवाल

सरकारी स्तर पर किए गए एक पौधारोपण अभियान की स्थिति चिंताजनक सामने आई है। 17 एकड़ क्षेत्र में लगाए गए करीब 7700 पौधों में से लगभग 99 प्रतिशत पौधे नष्ट हो चुके हैं।

जानकारी के अनुसार, इस बड़े स्तर के अभियान के बावजूद पौधों की देखरेख और रखरखाव में गंभीर लापरवाही बरती गई। शुरुआती रोपण के बाद निगरानी, सिंचाई और संरक्षण की व्यवस्था कमजोर रही, जिसके चलते अधिकांश पौधे जीवित नहीं रह पाए।

यह मामला गवर्नेंस और इम्प्लीमेंटेशन की खामियों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल लक्ष्य पूरा करने के लिए पौधारोपण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके बाद नियमित मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी तय करना भी उतना ही जरूरी है।

स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि यदि योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं होगा, तो संसाधनों और धन दोनों की बर्बादी होती रहेगी।

प्रशासन की ओर से इस मामले में जांच की संभावना जताई जा रही है। उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी लापरवाही से बचने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।