रायपुर में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम लोगों पर बढ़ेगा बोझ
Raipur में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने दोनों ईंधनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल और डीजल के दाम 3-3 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। लगातार दूसरी बार हुई इस बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है।
अब राजधानी रायपुर में पेट्रोल की कीमत लगभग 104.32 रुपए प्रति लीटर और डीजल 97.38 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।
डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रकों और मालवाहक वाहनों का खर्च बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल, राशन और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। खेती-किसानी में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर और पंपिंग सेट की लागत बढ़ेगी, वहीं बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी आने वाले दिनों में इजाफा संभव है।
फ्यूल भरवाने की लगी थी होड़
पिछली बढ़ोतरी और सप्लाई को लेकर फैली अफवाहों के बाद रायपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिली थीं। कई लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाया, जिससे कुछ जगहों पर पंप बंद होने जैसी स्थिति बन गई थी। हालांकि फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
ब्लैक मार्केटिंग रोकने प्रशासन अलर्ट
ईंधन संकट और बढ़ती कीमतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। कहीं भी अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की शिकायत इन नंबरों पर की जा सकती है:
- 9977222564
- 9977222574
- 9977222584
- 9977222594
ऐसे तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत तय होने में कई चीजें शामिल होती हैं:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत
- डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति
- रिफाइनिंग लागत
- केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी
- डीलर कमीशन
- राज्य सरकार का VAT
हर राज्य में टैक्स की दर अलग होने के कारण अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम भी अलग होते हैं।
बढ़ोतरी की बड़ी वजह
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह मानी जा रही है। ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत और घाटे की भरपाई के लिए कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही स्थिति बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगे हो सकते हैं।
