नई दिल्ली, 5 अगस्त 2026। संसद के मानसून सत्र में बुधवार को भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। राम मंदिर चढ़ावा चोरी और जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के एक मिनट के भीतर ही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत इंडिया गठबंधन के कई सांसदों ने गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सांसद हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए।
गृह मंत्री से जवाब की मांग
विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। विपक्षी दलों ने गृह मंत्री अमित शाह से संसद में आकर इन दोनों मुद्दों पर जवाब देने की मांग की।
खड़गे और रिजिजू के बीच तीखी बहस
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था और प्रधानमंत्री स्वयं मंदिर से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियां कार्रवाई क्यों नहीं कर रही हैं।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि जिन दलों ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था, वे अब इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं और देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस या पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
तीन विधेयक हो चुके हैं पारित
मानसून सत्र के दौरान अब तक सूचीबद्ध आठ विधेयकों में से तीन विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुके हैं। इनमें वंदे मातरम विधेयक, पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) विधेयक और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक शामिल हैं।
आज इन विधेयकों पर सरकार की नजर
सरकार बुधवार को बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक, टैक्सेशन एंड अदर लॉ (संशोधन) विधेयक, जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, MSME विकास (संशोधन) विधेयक, विदेशी अंशदान (FCRA) संशोधन विधेयक तथा विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक समेत लंबित विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
हालांकि विपक्ष के लगातार विरोध और सदन में जारी गतिरोध के कारण विधायी कार्य प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है। संसद के दोनों सदनों की आगे की कार्यवाही पर सभी की नजर बनी हुई है।