संसद का मानसून सत्र चौथे दिन भी ठप, विपक्ष के हंगामे से नहीं हो सका कोई विधायी कार्य
संसद का मानसून सत्र चौथे दिन भी ठप, विपक्ष के हंगामे से नहीं हो सका कोई महत्वपूर्ण विधायी कार्य
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का चौथा दिन भी विपक्ष और सरकार के बीच जारी तीखी नोकझोंक के कारण हंगामे की भेंट चढ़ गया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष ने पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
सत्र शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए इन मुद्दों पर तत्काल चर्चा और सरकार से जवाब की मांग की। लगातार शोर-शराबे और व्यवधान के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
सरकार की ओर से सदन को सुचारू रूप से चलाने और विधायी कार्य आगे बढ़ाने की अपील की गई, जबकि विपक्ष ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर चर्चा नहीं होगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
लगातार चार दिनों से जारी गतिरोध के चलते अब तक संसद में कोई महत्वपूर्ण विधेयक पारित नहीं हो सका है और कई अहम विधायी कार्य लंबित हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार और विपक्ष के बीच जल्द सहमति नहीं बनती है तो मानसून सत्र की उत्पादकता पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
संसद के आगामी दिनों की कार्यवाही पर अब सभी की नजरें टिकी हैं कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध समाप्त होगा या हंगामा आगे भी जारी रहेगा।
मुख्य बातें
- मानसून सत्र का चौथा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ा।
- विपक्ष ने पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का मुद्दा उठाया।
- लगातार व्यवधान के कारण सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई।
- अब तक कोई महत्वपूर्ण विधायी कार्य नहीं हो सका।
- सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी।
