संसद का मानसून सत्र: पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्ष का जोरदार हंगामा, लोकसभा और राज्यसभा 2 बजे तक स्थगित

नई दिल्ली:

संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट (NEET-UG) और देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक विवाद तथा शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को लेकर विपक्ष का जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी और नारेबाजी करते हुए तुरंत चर्चा कराए जाने की मांग की। भारी हंगामे और शोर-शराबे के कारण पीठासीन अधिकारियों को दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

लोकसभा और राज्यसभा में भारी शोर-शराबा

जैसे ही सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी नेताओं ने कार्यस्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) देकर देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर तुरंत चर्चा कराने की मांग रखी।

  • लोकसभा में: विपक्षी सांसद वेल (Well of the House) में आकर सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। अध्यक्ष द्वारा बार-बार सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की गई, लेकिन सदस्यों का विरोध जारी रहा।

  • राज्यसभा में: विपक्ष के नेता और अन्य वरिष्ठ सांसदों ने देश के लाखों युवाओं के भविष्य का हवाला देते हुए शिक्षा मंत्रालय से जवाब मांगा। सभापति की अपीलों के बावजूद जब हंगामा शांत नहीं हुआ, तो कार्यवाही रोकनी पड़ी।

विपक्ष की मुख्य मांग: “देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। नीट समेत तमाम भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक और धांधली पर संसद में बिना किसी देरी के विस्तार से चर्चा की जाए।”

सड़क से संसद तक संग्राम

संसद के अंदर जहां विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा, वहीं जंतर-मंतर और राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में छात्र संगठनों ने भी जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और पूरी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लाया जाए।

सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार नियमों के तहत हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए।

फिलहाल सभी की निगाहें दोपहर 2 बजे के सत्र पर टिकी हैं कि क्या सदन में प्रश्नकाल और शून्यकाल सुचारू रूप से चल पाएंगे या फिर हंगामा जारी रहेगा।