ऑपरेशन सिंदूर: पाक में एयर स्ट्राइक के बाद छत्तीसगढ़ में गूंजा राष्ट्रवाद, नेताओं और समाज ने सेना को सराहा

भारतीय सेना ने मंगलवार देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर बड़ी कार्रवाई की। रात करीब 1:30 बजे बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद में मौजूद आतंकी अड्डों को निशाना बनाया गया।

इस जवाबी कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ में भी प्रतिक्रियाओं की लहर दौड़ गई। पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए छत्तीसगढ़ के कारोबारी दिनेश मिरानिया के रिश्तेदार अमर बंसल ने कहा कि जवानों ने आतंकियों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि दुनिया के नक्शे से पाकिस्तान का नाम मिटा देना चाहिए।”

राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने मनाया जश्न

राज्य के विभिन्न इलाकों में लोगों ने जश्न मनाया। अंबिकापुर के घड़ी चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की। मंत्री ओपी चौधरी ने भी अपने घर के बाहर पटाखे फोड़े।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर “हर हर महादेव” लिखते हुए सेना की प्रशंसा की, जबकि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लिखा, “सबका बदला लिया जाएगा।”

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की प्रतिक्रिया

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष चन्द्रकांत यदु ने कहा कि भारतीय सेना ने वीरता के साथ आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने कहा, “आतंकियों ने धर्म के नाम पर देश को बांटने का प्रयास किया था, लेकिन हमारी सेना ने दिखा दिया कि एक गाल पर तमाचा मारोगे, तो हम दूसरे गाल पर भी जवाब देंगे।”

ब्राह्मण और गुजराती समाज ने किया समर्थन

सरयूपारीण ब्राह्मण समाज, रायपुर के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला और श्री गुजराती ब्रह्म समाज के अध्यक्ष कीर्ति व्यास ने आतंकियों पर हुई कार्रवाई का पूर्ण समर्थन किया है।

सेवा की पेशकश और सिविल सपोर्ट

छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने सेना प्रमुख को पत्र लिखकर किसी भी युद्ध प्रभावित क्षेत्र या अस्पताल में सेवा देने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह से राष्ट्र सेवा को समर्पित हैं।”

स्वास्थ्य मंत्री का सख्त बयान

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाया है जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सिंधु जल समझौते को स्थगित किया और पाकिस्तान के साथ आयात-निर्यात पर भी रोक लगाई है।

उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम की व्याख्या करते हुए कहा, “यह उन महिलाओं को श्रद्धांजलि है, जिनके पतियों को आतंकियों ने उनके सामने मार डाला। सिंदूर भारतीय स्त्री की सुहाग की निशानी है और इस ऑपरेशन का नाम हमें यह याद दिलाता है कि देश का हर नागरिक, हर पत्नी, हर परिवार इस लड़ाई में शामिल है।”